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Maharajganj News: बाॅर्डर की पगडंडियां स्क्रैप तस्करों के लिए बनीं मुफीद

Mon, 25 Nov 2024 05:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। धंधेबाजों ने कबाड़ को मोटी कमाई का जरिया बना लिया है। सीमावर्ती इलाकों में धड़ल्ले से कबाड़ की तस्करी की जा रही है। नेपाल से सस्ते दर में कबाड़ लाकर भारतीय क्षेत्र में दोगुनी दम पर बेचा जा रहा है।
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पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के रास्ते बड़े पैमाने पर लोहे का स्क्रैप (कबाड़) भारतीय सीमा क्षेत्र में तस्करी कर पहुंचाया जा रहा है। इस धंधे में तस्करों का बड़ा नेटवर्क जुड़ा हुआ है।
नेपाल से भारत में कबाड़ की बहुत मांग है। इस कारण प्रतिदिन नेपाल से कबाड़ की तस्करी हो रही है। तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे है। स्क्रैप नेपाली सीमाओं में कैरियरों के जरिए डंप किए जाते हैं। वहां से पगडंडी से धीरे-धीरे करके साइकिल कैरियरों के जरिए भारतीय सीमा में स्थित कबाड़ की दुकानों पर पहुंचा दिए जा रहे हैं। नेपाल से लोहे का स्क्रैप (कबाड़) की बड़े पैमाने पर भारत को तस्करी हो रही हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है।
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सूत्रों की मानें तो बरगदवा, ठूठीबारी, परसामलिक, निचलौल में कई ठिकाने हैं, जहां नेपाल से कबाड़ लाकर डंप किया जाता है।
भारत और नेपाल के तस्करों का एक बड़ा सिंडिकेट नेपाल के विभिन्न स्थानों पर जर्जर फैक्टरियों को खरीद रहा है। उन फैक्टरियों को तोड़कर लोहे के छोटे-छोटे टुकड़े कर कैरियर के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाली सीमाओं में पहले कबाड़ डंप कराए जा रहे हैं, फिर मौका मिलते ही इन्हें भारतीय सीमाओं में भेज दिया जा रहा है। सोनौली कोतवाली के फरेंदी तिवारी, तिलहवा, खनुवा, श्यामकाट, भगवानपुर आदि पगडंडी रास्ते से बड़े पैमाने पर ठेले पर लादकर कबाड़ लाया जाता है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी नौतनवा जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रैप तस्करी की जानकारी नहीं है। यदि ऐसे हो रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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