संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/परसामलिक। क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैकुंठपुर उर्फ बोदरवार टोला हरलालगढ़ में शनिवार की देर रात पिंजड़े में कैद हो गया। रात में गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। रात में पहरा नहीं देना पड़ा। वहीं वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सिंगरहा ताल के पास वन क्षेत्र में छोड़ दिया। रविवार को सुबह गांव के लोग खेत की बुवाई करने पहुंचे। चार दिन से लोग दहशत में रहे।
रविवार को सुबह हरलालगढ़ टोले के पास देवीशंकर, गौरीशंकर आपस में बातचीत करते मिले। इन लोगों ने बताया कि बीते चार दिन से गांव में कोई भी व्यक्ति ठीक से सो नहीं पा रहा था। गांव का हर कोई पहरेदारी करता रहता था, क्योंकि तेंदुआ कहीं से भी आ जा रहा था।
शनिवार रात में तेंदुआ पकड़ जाने के बाद लोगों को राहत मिली। आगे बढ़ने पर खेत में काम करते हुए जितई मिले। उन्होंने बताया कि वन किनारे के गांव में ऐसी परेशानी हमेशा होती है। तेंदुआ हिंसक हो गया था। वह रुकरुक कर हमला कर रहा था। अगर कुछ दिन और समस्या रहती है तो खेती का काम काफी पीछे हो जाता। क्षेत्र के महदेईया, डगरपुरवां, बोदनी, बैकुंठपुर, पछुडिहवा, बकुलादह, गंगापुर, हरलालगढ़, गंगापुर, रतनपुर, निपनिया, बिषखोप आदि के लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार की सुबह में धीरे-धीरे किसान अपने खेतों में काम किया। क्षेत्र के प्रदीप पांडेय, संतोष पांडेय, गौरीशंकर, विष्णु दयाल, शिव शंकर, सुरेश यादव आदि ने बताया कि तेंदुआ से दहशत थी।
उत्तरी चौंक रेंज घोड़हवा बीट के फारेस्टर जितेंद्र कुमार गौड़ ने बताया कि तेंदुए को सिंगरहा ताल के पास वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। वन क्षेत्र के आस पास के गांवों के किनारे वन विभाग की टीम हमेशा निगरानी करती रहती है।