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Maharajganj News: होटल में मिला युवा वैज्ञानिक का शव

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विभूतिखंड के नोवोटेल होटल में सोमवार से ठहरे थे राहुल सिंह, हार्ट अटैक की आशंका
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बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर बनाकर सुर्खियों में आए थे, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज

लखनऊ। विभूतिखंड के होटल नोवोटेल में ठहरे युवा वैज्ञानिक और ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की मंगलवार को रहस्यमय हालात में मौत हो गई। कमरे में उनका शव मिला। वह सोमवार से होटल में रुके थे। आशंका है कि मौत हार्ट अटैक से मौत हुई है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कारण स्पष्ट होगा। पुलिस ने उनके परिजनों को जानकारी दे दी है।
इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक राहुल को मंगलवार सुबह होटल से जाना था। हालांकि, वह काफी देर तक कमरे से नहीं निकले। संदेह होने पर होटल के कर्मचारियों ने पुलिस का सूचना दी। पुलिस दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई तो राहुल बेड पर बेसुध पड़े थे। उनकी मौत हो चुकी थी।
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मूलरूप से महाराजगंज के सिसवां बाजार स्थित आसमान छपरा निवासी राहुल बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर बनाकर चर्चा में आए थे। छानबीन में सामने आया कि राहुल सोमवार दोपहर को होटल पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में उनके कमरे में कोई दूसरा व्यक्ति जाता नहीं दिखा है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों ने भी किसी पर आरोप नहीं लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।

कम उम्र से ही नवाचार में बना ली थी पैठ
राहुल ने कम उम्र में ही नवाचार में पैठ बना ली थी। वह गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में डिजाइन इनोवेटर एंड इंक्यूबेशन सेंटर में शोध की पढ़ाई कर रहे थे। उनका बनाया बैटरी वाला ट्रैक्टर खुद चार्ज भी हो जाता था। राहुल ने महज 13 वर्ष की उम्र में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान प्राप्त किया था। वह लगातार तीन वर्ष तक इस स्थान पर काबिज रहे थे।

बैटरी से चलने वाली साइकिल भी बनाई थी

राहुल ने वर्ष 2018 में रोटी मेकर बनाया था। इसके अगले साल उन्होंने बैटरी से चलने वाली साइकिल भी बनाई थी। राहुल बेहद मिलनसार थे। उनकी मौत से विज्ञान जगत के लोग हैरान हैं। पुलिस का कहना है कि भाई राहुल को लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
बचपन से ही प्रतिभाशाली था राहुल



राहुल की मौत से परिजन में मची चीख-पुकार



राज्यपाल और मुख्यमंत्री से लेकर कई हस्तियां कर चुकी थीं सम्मानित



महराजगंज/सिसवा। सिसवा के बीजापार निवासी राहुल बचपन से ही प्रतिभाशाली था। उसने कृषि उपयोगी कई यंत्रों का अविष्कार किया था। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक न होने के बाद भी पिता ने हाड़तोड़ मेहनत करके राहुल को पढ़ाया-लिखाया। लखनऊ के होटल में शव मिलने से परिजनों में चीख-पुकार मच गई। साथ ही क्षेत्र के लोग भी शोकाकुल हैं।



जानकारी के अनुसार, सिसवा के बीजापार निवासी संजय सिंह कारपेंटर का काम करते हैं। उनकी चार संतानों में राहुल सिंह तीसरे नंबर का था। बताया जा रहा है कि वह बचपन से ही प्रतिभाशाली था। राहुल ने हाईस्कूल तक की शिक्षा सिसवा के चोखराज तुलस्यान सरस्वती विद्या मंदिर से ली थी। इसी दौरान उसने कृषि उपयोगी कई यंत्रों का अविष्कार किया था।



इसके लिए स्कूल से लेकर जिला और प्रदेश तक उसको पुरस्कृत किया गया था। उसकी प्रतिभा के शिक्षक भी कायल थे। हाईस्कूल के बाद वह गोरखपुर के शिक्षक के संपर्क में आया। उन्होंने राहुल को गोरखपुर में इंटर तक की पढ़ाई का जिम्मा उठाया। इसके बाद गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला करा दिया।



कई हस्तियां कर चुकी हैं सम्मानित



बताया जा रहा है कि राहुल को राजनाथ सिंह से लेकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तक ने राहुल को सम्मानित किया था। इससे उसके परिजनों में काफी उत्साह था। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी राहुल का सम्मानित कर चुके हैं। राहुल की मौत की खबर जब सिसवा में पहुंची तो परिजन के साथ ही गांव वालों की भी आंखें भी नम हो गईं। वहीं विद्यालय के अध्यापकों में भी शोक की लहर दौड़ गई।



मौत से टूटा परिवार



राहुल के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद भी उसके पिता ने उसे पढ़ाने-लिखाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। जैसे-जैसे राहुल आगे बढ़ रहा था परिवार को लगा कि अब मुफलिसी दूर हो जाएगी लेकिन राहुल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन होनहार बेटे की मौत से सदमे में हैं।
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जूनियर साइंटिस के नाम से था चर्चित



राहुल जूनियर साइंटिस के नाम से चर्चित था। राहुल के अविष्कार की हर तरफ चर्चा होती थी। उसकी प्रतिभा को देखकर शिक्षक भी हतप्रभ रहते थे। बताया जा रहा है कि उसने रोटी मेकर मशीन का निर्माण किया था। वहीं इलेक्ट्रिक साइकिल और खेतों में दवा छिड़कने से लेकर जानवरों को भगाने तक यंत्र का निर्माण किया था। राहुल ने एक छोटा ड्रोन भी बनाया था। यह मात्र डेढ़ सौ ग्राम का है। वह इससे दुश्मनों को मार गिराने का दावा भी किया था।
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