जिले के 20 आयुर्वेदिक अस्पतालों में 12 पर योग प्रशिक्षक व सहायक की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के आयुर्वेद अस्पतालों पर योग प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है, लेकिन इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है। अस्पताल के आसपास बसे लोगों को ही यह नहीं पता है कि यहां योग होता है। पड़ताल के दौरान अस्पतालों में प्रशिक्षक भी नहीं दिखे। लोगों के अनुसार योग के प्रति जागरूक करने की दिशा में बेहतर ढंग से कार्य नहीं हो रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले के ठूठीबारी, बैठवलिया, बृजमनगंज, अड्डा बाजार, सोहगीबरवा, सेवतरी, चौपरिया, नरकटहा, मिठौरा, रामपुर बल्डिहा, सोनौली में योग प्रशिक्षक व सहायक की तैनाती है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि योग प्रशिक्षक का एक माह में 72 घंटे योग कराने का लक्ष्य निर्धारित है। उनको आसपास के लोगों को योग के प्रति जागरूक करना है। योग के जरिए निरोग कैसे रहता जाता है, इसके बारे में बताना है। हैरानी की बात है कि जिन क्षेत्रों में योग प्रशिक्षकों की तैनाती है, वहां आसपास के लोगों को ही पता नहीं है कि योग कराया जाता है। योग के जरिए निरोग रहने की मुहिम को झटका लग रहा है। बुधवार को अलग-अलग आयुर्वेदिक अस्पतालों में पड़ताल में कोई भी योग प्रशिक्षक नजर नहीं आया और न ही लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी। पड़ताल के दौरान खामियों की पोल खुल गई।
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हर माह करीब 1.56 लाख रुपये खर्च होते
योग प्रशिक्षक को प्रत्येक आठ हजार और सहायक को प्रत्येक माह पांच हजार रुपये मिलते है। प्रत्येक माह योग कराने के लिए सरकार की ओर से 1.56 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
योग के बारे नहीं देता कोई जानकारी
सोनौली के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में योगा नहीं कराया गया। मरीजों ने बताया कि कई बार दवा लेकर गए हैं, लेकिन योग के बारे में कभी जानकारी नहीं दी गई। सुबह करीब 11 बजे डॉक्टर मौजूद मिले। करीब पांच मरीजों का इलाज हो चुका था।
अस्पताल में दवा लेने आया हूं। कभी योग नहीं कराया जाता है। योग से निरोग कैसे कोई हो पाएगा, जब प्रशिक्षक दायित्व के प्रति सजग नहीं रहेंगे। अस्पताल में योग होने की जानकारी नहीं है।
रविंद्र कुमार, सोनौली
योग कराना तो दूर की बात कोई आसपास भ्रमण कर बताता भी नहीं है। अगर हमें पता होता की योग प्रशिक्षक योग सिखाते हैं तो निश्चित रूप से योग करता है। योग तो स्वयं भी करता हूं, लेकिन प्रशिक्षक सही तरीका बताते हैं। बीर बहादुर धवल, सोनौली
अस्पताल में यह सामान है उपलब्ध
राजकीय आयुर्वेदिक चिकिसालय सोनौली में योग के लिए जरूरी समान है, जिनमें मैट, हीमोग्लोबिन मीटर, फोरसेफ सहित कई उपकरण है। नीरज कुमार, पवन, श्याम सुंदर, दीपक, मेहताब, रमजान ने बताया कि आयुर्वेद अस्पताल में योग होने की जानकारी नहीं हैं।
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योग प्रशिक्षण के लिए यजुर्वेद व सहायक अर्चना की तैनाती है। योग के लिए बहुत कम लोग यहां आते हैं। मरीजों की उनकी जरूरत के अनुसार योग कराया जाता है।
डॉ. हरिशंकर गुप्ता, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, सोनौली
प्रशिक्षक मिले, सहायक चली गईं थीं घर
सुबह 10 बजे मिठौरा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में योग प्रशिक्षक बृजेश मिश्रा दिखे। आसपास के लोगों को भी पता नहीं था कि योग होता है। ब्रजेश मिश्र ने बताया कि सुबह योग सहायक आईं थीं, एक घंटे बाद किसी कार्य से घर चली गई। योग कराया जाता है। पनियरा क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नरकटहां बाजार में आसपास के लोगों ने योग नहीं होने की बात कही। गांव की नीलम ने बताया कि नियमित योगाभ्यास नहीं होता है।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मिठौरा में योग होने के बारे में जानकारी नहीं है। अगर जानकारी रहती तो वहां जरूर योग सीखने जाता।
पिंटू निगम, मिठौरा
प्रत्येक योग प्रशिक्षक को 72 घंटे योग कराने का लक्ष्य है। नियम के अनुसार निर्धारित अस्पताल पर योग कराया जाता है। अगर कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. हरिंद्र जैसवार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी महराजगंज