महराजगंज। अशोक नगर मुहल्ले के रहने वाले जुगुल मद्धेशिया (25) की मौत सऊदी में बीते 24 अक्टूबर को हुई थी। जुगुल का शव सऊदी से लाने के लिए औपचारिकताएं पूरी होने में 23 दिन लग गए। बृहस्पतिवार को जुगुल का शव जब अशोक नगर मुहल्ले में उनके घर पर आया तो बूढ़ी मां लिपटकर रोने लगी। मुहल्ले के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बाद में बलिया नाला के घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
सऊदी कमाने गए जुगुल का शव बृहस्पतिवार को अशोक नगर मुहल्ले में उनके घर आया। शव आते ही बूढ़ी मां लिपटकर राने लगीं। रोते-रोते वह बेहोश हो जा रही थीं। जुगुल पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। दो साल पहले सऊदी नौकरी करने गए थे। बीते 24 अक्टूबर को उनकी सऊदी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह सब्जी खरीदने गए थे, तभी अनियंत्रित वाहन से टक्कर लग गई। जिससे उनकी मौत हो गई। पिता रामप्रीत बेटे को खोने के गम एकटक देखते रहे। बडे़ भाई धर्मेंद्र, नन्हें, राजू, कैलाश भी सऊदी में काम करते हैं। जुगुल की अभी शादी नहीं हुई थी। बलिया नाला के घाट पर तमाम लोगों की मौजूदगी में जुगुल का अंतिम संस्कार किया गया।