महराजगंज। क्षेत्र में आने वाले दिनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। विद्युत विभाग की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है।आरडीएसएस योजना के तहत गांवों में जर्जर हो चुके तारों और खंभों को बदला जा रहा है। इस परियोजना पर कुल 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मार्च के अंतिम सप्ताह तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
जानकारी के अनुसार आईडीएसएस योजना के तहत विद्युत विभाग की ओर से नामित कार्यदायी संस्था लेजर पावर इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की ओर से निचलौल क्षेत्र के 70 गांवों में जर्जर तारों और खंभों को बदला जा चुका है। इससे क्षेत्र के करीब 1 लाख 20 हजार की आबादी को निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इस परियोजना के तहत अब तक 80 किलोमीटर एलटी लाइन और 30 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन को केबिल तार बनाई जा चुकी है। इसमें कुल 1900 पोल लगाए गए हैं। इससे बिजली आपूर्ति और अधिक मजबूत होगी। इसके अलावा करमहा से मिठौरा तक 9 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है। इसमें स्टील के पोल लगाए जा रहे हैं। इससे यह लाइन अधिक मजबूत और टिकाऊ होगी। इस परियोजना के तहत कई गांवों में पुराने, जर्जर तारों और खंभों को पूरी तरह बदला जा चुका है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलेगी। साथ ही ट्रांसफार्मरों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम होगा। इससे बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इन गांवों में जर्जर तार तार बदले गए
एक्सईएन निचलौल ई देवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए गनेशपुर, जमुई पंडित, बहुआर, बनकटवा, बेदौली, डोमा, झुलनीपुर, किशुनपुर, मिश्रवलिया, निचलौल, परगापुर, रामनगर, शीतलपुर, हरखपुरा, हथिअहिया, मिठौरा, सिसवा, पटखौली और पकड़ी सिसवा जैसे गांवों में जर्जर तार और पोल बदले गए हैं।
निचलौल क्षेत्र के 70 गांवों में जर्जर तारों और खंभों को बदला गया है। जर्जर तार की जगह केबिल लगाएं गए हैं। यह काम आईडीएसएस योजना के तहत चल रहा है। इस परियोजना पर कुल 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना को मार्च के अंतिम तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रवीण कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर कार्यदायी संस्था लेजर पावर इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड