महराजगंज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर बदलाव प्रभावी किए जा रहे हैं। अब शादी से पूर्व वर-वधू बायोमेट्रिक हाजिरी लगाएंगे, जिससे उम्र का सत्यापन होगा। इसके बाद ही शादी हो सकेगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन के निर्देश के क्रम में वर-वधू की बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद ही शादी का कार्यक्रम होगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है।
पहले इसके लिए सिर्फ 51 हजार रुपये के प्रबंध थे, जिसे बढ़ाकर 2025 सत्र के लिए एक लाख रुपये कर दिया गया है।
इससे कन्या के बैंक खाते में 51 हजार रुपये हस्तांतरित करने की व्यवस्था प्रभावी कर 35 हजार के साजो-सामान देने की व्यवस्था प्रभावी हो चुकी है। इसका अनुपालन जनपद में आयोजित पिछले दिनों के सामूहिक विवाह में दिखा। समाज कल्याण की तरफ से संचालित इस योजना के लिए जनपद को मौजूदा वित्तीय सत्र में 600 से अधिक का लक्ष्य मिला।
इसमें 200 लाभार्थियों के विवाह पिछले दिनों पूर्ण हुए। अब शेष लक्ष्य पूर्ण करने के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन भी प्रभावी होगा जो आधार कार्ड से वर व वधू की आयु प्रमाणित करने के साथ उनकी मौजूदगी भी कार्यक्रम स्थल पर साबित करेगा।
योजना में विवाह के लिए वधू की आयु 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष जरूरी है। उम्र कम होने पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के बाद फेरे से पहले आवेदन अस्वीकृत हो जाएगा।