महराजगंज। अरहर की दाल खरीदने के दौरान सावधान रहने की जरूरत है। यह जरूरी नहीं की जो दाल आप खरीद रहे हैं, वह शुद्ध हो, उसमें मिलावट भी हो सकती है। मिलावटी दाल सेहत के लिए खतरनाक है। शहर में 30 क्विंटल प्रतिदिन की खपत होती है। अरहर की दाल खरीदने के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। तस्कर भी समय-समय पर सरहद पार करते हैं, इससे मिलावट के साथ-साथ तस्करी से भी मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है।
कारोबारियों की माने तो प्रत्येक दिन जिले में करीब 300 क्विंटल दाल की खपत होती है। जिस दाल को शुद्ध समझ कर लोग धड़ल्ले से सेवन कर रहे हैं, उसमें खेसारी की मिलावट भी हो सकती है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से मिलावटी दाल उत्तर प्रदेश में आ रही है। इसकी पहचान आसानी ने नहीं की जा सकती है। खेसारी, सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। डॉक्टर कहते हैं कि इसे लगातार खाने से लकवा मारने का खतरा रहता है। आंख समेत सेहत से जुड़ीं कई और बीमारियां भी हो सकती हैं।
संबंधित विभाग के लोग सतर्क नहीं हैं, ऐसे में लोगों को अरहर दाल खरीदते समय सावधानी बरतनी होगी। कारोबारी बताते हैं कि दाल के आकार एक जैसे होते हैं। खेसारी मिलाने पर पता चल जाएगा, लेकिन इसके लिए आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। इसकी मात्रा कम होगी तो पहचान करना आसान नहीं होगा। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि दाल को खरीदते समय बारीकी से देखना चाहिए। हालांकि, मिलावटी दाल की बिक्री रोकने के लिए अब व्यापारी खुद सतर्क हो रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ धंधेबाजों की वजह से पूरे व्यापार को लोग शक की निगाह से देखने लगेंगे।