बखिरा पक्षी विहार को वैश्विक पहचान दिलाएगा वन विभाग
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामशर साइट से जोड़ने के लिए भेजा गया प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग में स्थित बखिरा पक्षी विहार को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए वन विभाग ने उसे रामशर साइट से जोड़ने का मन बनाया है। वन विभाग ने प्रस्ताव विभागीय मुख्यालय को भेज दिया है। प्रस्ताव मंजूर हुआ तो पर्यटन की दृष्टि से बखिरा की पहचान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी।
पर्यटन की दृष्टि से आद्र भूमि (वेटलैंड) को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग में बखिरा पक्षी विहार ऐसी जगह है जहां का प्राकृतिक वातावरण बेहतर है। यहां पर अक्तूबर से लेकर फरवरी तक सुदूर क्षेत्र से आकर्षक पक्षियों का आना-जाना लगा रहता है। यहां ठहरने वाला हल्का पानी व उगने वाले धान पक्षियों के लिए मुफीद हैं। शीतकाल में बड़ी संख्या में सैलानी भी वहां आते हैं तथा पक्षियों को देखकर आनंद लेते हैं। इस पक्षी विहार को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए वन विभाग ने इसे रामशर साइट से जोड़ने का मन बनाया है। अभी तक पूरे देश में 27 स्थलों को रामसर साइट से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में अभी तक ऊपरी गंगा नदी (ब्रजघाट से नरोरा तक) को ही रामसर साइट के रूप में पहचान मिली है। यदि यह विहार रामसर साइट से जुड़ गया तो उत्तर प्रदेश का पहला पक्षी विहार बनेगा, जिसे रामसर साइट से जुड़ने का गौरव हासिल होगा। रामसर साइट से जुड़ने के उपरांत यहां पर विदेशी पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा। जिसका लाभ व्यवसायिक रूप से यहां के लोगों को मिल सकेगा। डीएफओ पुष्प कुमार के. ने बताया कि यदि बखिरा पक्षी विहार को साइट से जोड़ने का प्रस्ताव मंजूर हो गया तो उसकी पर्यटन व व्यवसायिक दोनों दृष्टि से पहचान बढ़ेगी।