फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: सावन के मौसम में भी रुठे बदरा

Sun, 13 Jul 2025 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। सावन में मौसम की बेरुखी से किसानों के होश फाख्ता हैं। मानसून की सक्रियता के बाद पूर्वी यूपी की तराई का जिला बारिश की प्रतीक्षा कर रहा है। वहीं सावन माह लगने के बाद स्थितियां विपरीत नजर आ रही हैं।
विज्ञापन

धूप की तपिश के कारण तापमान में इजाफा दर्ज हो रहा है। शनिवार को भी चटख धूप ने अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम 29 डिग्री रिकार्ड किया गया।जनपद में बारिश को लेकर मौसम विभाग और ज्योतिष शास्त्र के दावे एक-दूसरे से विपरीत हैं। आईएमडी (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग) के मुताबिक अच्छी बारिश की संभावना है और मानसून सक्रिय भी हैं।
वहीं ज्योतिष शास्त्र अति वृष्टि और सूखा दोनों के योग दिख रहे हैं। जनपद में धान की रोपाई का कार्य करीब 20 फीसदी ही शेष हैं। नहर व निजी संसाधनों के सहारे किसान रोपाई पूरी कर चुके हैं। इस बार कृषि विभाग के मुताबिक 1.50 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर धान की खेती हो रही है।
विज्ञापन

साथ ही ग्रीष्मकालीन गन्ने की फसल खेतों में है। दोनों को सिंचाई की जरूरत प्रत्येक दो दिन पर पड़ रही है क्योंकि नमी तेजी से घटती जा रही। नहर की सुविधा वाले बेल्ट में तो सिंचाई की सहूलियत है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में निजी संसाधन के सहारे किसान रोपाई सुरक्षित करने की जद्दोजहद में हैं।
जलवायु परिवर्तन पलट रहा अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम विभाग के अनुमान पूरी तरह सटीक नहीं बैठ रहे, लेकिन 75 फीसदी सटीकता तो अभी भी है। महराजगंज जनपद पूर्वी यूपी के तराई का जिला है जहां से नेपाल सीमा जुड़ती है। नेपाल पहाड़ी बेल्ट प्रारंभ होता है इसलिए तराई में इंडियन वेदर सिस्टम के साथ हिमालयन वेदर सिस्टम भी प्रभाव डालता है। मानसून सक्रियता के बाद बारिश न होना भी इसका एक कारण हो सकता है। हालांकि हमारा अनुमान अभी भी यह है कि तराई में भी बारिश का क्रम जल्द प्रभावी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें