आग लगी तो सैकड़ों बच्चे पड़ जाएंगे खतरे में
महराजगंज। जिले के माध्यमिक विद्यालय अग्नि प्रबंधन के प्रति काफी लापरवाह हैं। ज्यादातर विद्यालयों में आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। अगर कोई विपरीत स्थिति उत्पन्न हो गई तो सैकड़ों बच्चों का जीवन संकट में पड़ सकता है। स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्रों को देखकर पता चलता है कि लंबे समय से न उनकी जांच हुई है न ही रिफलिंग। इस संबंध में अधिकारी भी लापरवाह हैं।
जिले भर में माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए 28 राजकीय विद्यालय, 39 सहायता प्राप्त विद्यालय तथा 177 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों में से कुछ ने जहां मानकों के अनुरूप आग से बचाव के प्रबंध किए हैं, वहीं अधिकतर विद्यालयों के प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। पड़ताल में सामने आया कि इस मामले में शुरू से ही गंभीरता नहीं दिखाई गई।
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विद्यालयों की पड़ताल में यह मिली स्थिति
स्थल एक
राजकीय इंटर कॉलेज धनेवा में लगा अग्निशमन यंत्र दो वर्ष पुराना है। प्रधानाचार्य दमयंती यादव के मुताबिक रिफलिंग की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। जल्द रिफलिंग कराई जाएगी।
स्थल दो
नगर के महराजगंज इंटर कॉलेज में कार्यालय कक्ष के पास दोनों तरफ अग्निशमन यंत्र लगे हैं। देखने से ये काफी पुराने लग रहे हैं। कक्षाओं के आसपास ऐेसी व्यवस्था नहीं है कि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो जाए तो उस पर त्वरित रूप से काबू पाया जा सके।
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अग्निशमन यंत्र के लिए यह है व्यवस्था
अग्निशमन यंत्र की प्रत्येक वर्ष जांच करानी होती है। साथ ही प्रत्येक तीन वर्ष में उसकी रिफलिंग कराने का नियम है। विद्यालयों के जिम्मेदार इस व्यवस्था पर ध्यान दें।
- जसवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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विद्यालयों में आग से बचाव संबंधी सभी मानक पूरे होने चाहिए। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं।
- अशोक कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक