महराजगंज। अनियमित फास्ट फूड का सेवन व योग से दूरी युवाओं को आईबीएस (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) की चपेट में पहुंचा रही है। जुलाई में बारिश का दौर शुरू होने के बाद यह खतरा बढ़ा है।
रोजाना ओपीडी में पांच से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को इनकी संख्या बढ़कर 10 पहुंच गई। चिकित्सक इसे आंत में बैक्टीरिया असंतुलन बता रहे हैं जिसके कारण बार-बार शौच का अहसास होने के साथ शरीर को पोषण न मिलने की स्थिति पनप रही है। बारिश में बैक्टीरिया व संक्रमण जनित रोगों में इजाफा हुआ है।
आईबीएस नामक एक रोग ने आपने पांव फैलाए हैं। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के मरीज इस सप्ताह रोजाना पांच से छह की संख्या में पहुंचे। सोमवार को इसके 10 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में देखे गए। डॉ. पवन कुमार ने बताया कि युवा फास्ट फूड से पेट भर लेते हैं।
फास्ट फूड और तेल आंतों में बैक्टीरिया असंतुलित कर रहा है, जिससे पूरे दिन पेट खराब जैसा महसूस होता है। इस रोग के कारण शरीर पोषण अवशोषित नहीं करता जिससे कमजोरी महसूस होती है। यह समस्या युवाओं में अधिक मिल रही जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। ऐसे रोगियों को तत्काल फास्ट फूड सेवनबंद करने व घर पका हुआ हल्का भोजन करने की सलाह व योग-व्यायाम की सलाह के साथ दवा का परामर्श दिया जा रहा है। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि यह समस्या बारिश के दिनों में अधिक फैलती है। गलत खानपान की आदत व व्यायाम से दूरी के कारण आंत के बैक्टीरिया असंतुलित हो जाते हैं।
यह समस्या होने पर तत्काल फास्ट फूड बंद करना चाहिए और चिकित्सक के परामर्श से दवा उपयोग में लाना चाहिए। चिकित्सक के हिदायत के अनुसार चलने से यह समस्या आठ से 10 दिन में पूरी तरह ठीक हो जाती है।