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जिला अस्पताल की ओपीडी में कमर दर्द, हड्डी रोगियों की बढ़ी संख्या

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जिला अस्पताल में कमर दर्द, हड्डी रोगियों की बढ़ी संख्या
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महराजगंज। जिला अस्पताल की ओपीडी में कमर दर्द एवं हड्डी रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सबसे ज्यादा महिलाएं इस समस्या से पीड़ित आ रही हैं। डॉक्टर महिलाओं को भारी वजन न उठाने के साथ ही जरूरी दवाएं और व्यायाम की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी कुल आने वाली महिला रोगियों में 50 फीसदी महिलाएं कमर दर्द और जोड़ो़ के दर्द से पीड़ित आ रही है़। चिकित्सकों के अनुसार कमर दर्द के सामान्य कारण मांसपेशियों का खिंचाव, मांसपेशी में ऐंठन के अलावा ऐसा कार्य जो ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में बैठकर करना पड़े या हाथों का ज्यादा प्रयोग हो रहा हो, समस्या का प्रमुख कारण है। इसके अलावा ठीक से न बैठना, खड़ा होना, सही अवस्था में न सोना भी कमर दर्द को बढ़ाता है। ऐसी स्थिति में रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है, जो दर्द के रूप में सामने आता है।
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जिला अस्पताल के हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार ने बताया कि ज्यादातर महिलाओं को कमर और जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है। ऐसे में भारी सामान न उठाएं, ज्यादा देर तक झुककर काम न करें, व्यायाम जरूर करते रहें। इससे कमर दर्द से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि सुबह उठते ही अगर दर्द हो, पैर में झंझनाहट के अलावा अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन ओपीडी में ऐसे 40 से अधिक मरीज आ रहे हैं।
कमर दर्द के लक्षण
ऐसे में कमर दर्द के लक्षण को पहचानना जरूरी है। कमर दर्द की स्थिति में शरीर का तापमान बढ़ जाता है। पीठ पर सूजन, तेज और हर वक्त दर्द, ज्यादा देर तक बैठे रहने से या खड़े रहने से दर्द का और बिगड़ जाना, पीठ के आसपास सुन्न महसूस होना और कुछ मामलों में दर्द का पैरों व घुटनों तक फैलना शामिल हैं।
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कमर दर्द से बचाव के तरीके
ऐसी किसी भी स्थिति में आने से बेहतर है कि कमर को स्वस्थ और मजबूत रखने की दिशा में काम करें। ध्यान रखना होगा कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में अधिक देर तक न बैठें। बहुत अधिक देर तक बैठना जरूरी हो तो थोड़ी-थोड़ी देर में उठें। झटके से न तो बैठें और न ही उठें। इस तरह से बैठें, ताकि रीढ़ को सहारा मिले। जब भी झुकें तो रीढ़ की जगह घुटने मोड़ें। हमेशा सीधे खड़े रहें। रोजाना एक घंटा वर्कआउट जरूर करें। खाने में पौष्टिक आहार लें। हरी सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट, दूध व दही का सेवन करें। साथ ही कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ लें। बाहरी खाना, जंक फूड, तैलीय खाना, चीनी का सेवन न करें।
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