महराजगंज। विकास भवन सभागार में रविवार को डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस फॉर इनपुट डीलर्स के तहत देशी प्रोग्राम कार्यशाला का आयोजन हुआ। वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की विधि के बारे में खाद बीज के दुकानदारों को जानकारी दी गई।
ट्रेनर वृंदावन निगम ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट खाद में पोषक तत्वों को कैसे दूर किया जाए। इसके लिए व्यापारियों को विस्तार से जानकारी दी गई। वर्मी कंपोस्ट बनाते समय पोटेशियम, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम का प्रयोग उचित मात्रा में करें। शीशा, प्लास्टिक, धातु, तेल, वसा, मांस मछली का प्रयोग वर्मी कंपोस्ट बनाने में न करें।
वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन के समय पुआल, भूसा, गन्ने की पत्ती, खर पतवार, फसलों के डंठल, बायो गैस के अवशेष, गोबर का प्रयोग करने से वर्मी कंपोस्ट अच्छा तैयार होता है। प्रशिक्षण में वीरेंद्र, राजेंद्र प्रसाद, अंकुर, आशीष कुमार, प्रदीप चौधरी, राघवेंद्र पटेल, प्रेमी, जितेंद्र प्रजापति, पवन कुमार पटेल मौजूद रहे।