औषधि निरीक्षक के खिलाफ मुखर हुए फार्मासिस्ट
एडीएम को ज्ञापन सौंपकर की औषधि निरीक्षक की कार्यप्रणाली की जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। फार्मेसी एंड फार्मासिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को एडीएम को ज्ञापन सौंपकर औषधि निरीक्षक की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि औषधि निरीक्षक जांच के दौरान नियमों पर ध्यान नहीं देते हैं। मनमाने ढंग से जांच की जाती है। पांच सूत्री ज्ञापन में डीआई पर कई गंभीर आरोप मढ़ा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष सिंह ने कहा कि औषधि निरीक्षक द्वारा निरीक्षण के समय फार्म- 35 की प्रति स्वयं के पास नहीं रखते हैं। इनके खिलाफ शिकायत के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नियम विरुद्ध तरीके से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स में निर्धारित फार्म 35 प्रारूप से पूर्णतया विपरीत प्रारूप पर लाइसेंसी अथॉरिटी के हस्ताक्षर के बिना ही स्वयं के हस्ताक्षर बनाकर फार्म 35 तैयार किया जाता है। बाद में लाइसेंस धारकों से मोटी रकम वसूलकर बिना किसी कार्रवाई के प्रकरण को अपने स्तर से ही समाप्त कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के समय तैयार फार्म -35 की एक प्रति औषधि निरीक्षक के पास भी उपलब्ध रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकार का दुरुपयोग करते हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार गुप्ता ने डीआई की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की। उधर, औषधि निरीक्षक शिव कुमार नायक ने कहा कि नियमानुसार दवा की दुकानों की जांच की जाती है। बेबुनियाद आरोप लगाकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है।