महराजगंज। गोरखपुर जिले में सोनबरसा-सरदार नगर मार्ग पर बिशुनपुर खुर्द गांव के पास हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हुई मौत के मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। वहीं इस घटना से बिजली निगम के अधिकारी सबक लेने के बजाय खामोश हैं। महराजगंज शहर में सड़क पार कर रहे हाई टेंशन तार कई स्थानों पर ढीले हैं। अगर टूट जाए तो यहां भी हादसा हो सकता है। शहर में पड़ताल के दौरान प्रमुख स्थानों पर हाई टेंशन तार ढीले नजर आए।
शहर में भ्रमण करने पर बिजली निगम की लापरवाही सामने आई। बैकुंठपुर पावर हाउस के पहले ही तार सड़क के ऊपर से गुजरा दिखा। हवा चलने पर तार कभी कभी रगड़ खाता है। तार पर गार्ड भी नहीं लगा है। सड़क से गुजरे से रमेश वर्मा कहने लगे की तार से खतरा तो है, लेकिन क्या किया जाय।
तार देखकर लगता है की कभी टूट कर गिर जाएगा। यहां से आगे बढ़ने पर शहर में बस स्टेशन के करीब तारों का मकड़ जाल दिखा। तार से जहां से जुड़ा है, वहां चिंगारी निकलती रहती है। मऊपाकड़ चौराहे के पास चौक रोड पर भी तार बेतरतीब दिखे। तार सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक गुजरा हुआ है। इसी तरह से हनुमानगढ़ी पर भी सड़क से होकर गुजरा है।
यहां भी गार्ड नहीं लगा है। ऐसे में तार टूट कर कभी गिर जाय तो खतरा हो सकता है। काॅलेज रोड पर बस स्टेशन के पास बिजली का खंभा दिखा। मदरसे की ओर जाने वाले रोड के सामने यह खंभा है। इस पर तारों का मकड़जाल है। तेज हवा चलती है तो फाल्ट होने की समस्या बढ़ जाती है। ढीले जर्जर तार कब गिर जाएंगे कोई गारंटी नहीं है। सड़क के किनारे खड़े बीरेंद्र ने बताया कि तारों को बदला जाना बेहद जरूरी है। पुराने तार कभी टूट कर गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा लगता है कि बिजली निगम हादसे के बाद जागेगा।
शहर में 45 किमी दायरे में हाईटेंशन तार :बिजली निगम के अनुसार, शहर में 45 किमी दायरे में हाईटेंशन तार फैला हुआ है। एलटी लाइन 60 से 70 किमी में है। आरडीएसएस योजना के तहत तार बदला गया है। शहर में 50 हजार उपभोक्ता हैं। 60 ट्रांसफार्मर लगे हैं।