महराजगंज। तापमान गिरने का असर सेहत पर दिख रहा है। सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों की नसें सिकुड़ने लगी हैं। ऐसे में रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। केएमसी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्रतिदिन 10 से 20 मरीज रक्तचाप के पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों को इलाज के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी में नाक की नसों पर दबाव पड़ने से रक्तस्राव का खतरा रहता है। सर्दी शुरू होने से लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर असर पड़ना शुरू हो गया है। इस मौसम में सजग न रहने पर लोगों को लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस मौसम में नकसीर (इपिस्टैक्सिक्स) से पीड़ित भी मिलने लगे हैं।
केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल के फिजिशियन डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि ब्लड प्रेशर के मरीजों में नकसीर की बीमारी अधिक होती है। क्योंकि नाक की नसें पतली होती हैं और दबाव पड़ने पर फट जाती हैं। बताया कि नाक से रक्त आने से संबंधित मरीज ओपीडी और इमरजेंसी में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। बताया कि इमरजेंसी के एक दिन में 10 से 20 मरीज आ रहे हैं।