श्रीराम के आदर्शों से सीख लेनी चाहिए : बजरंग बहादुर सिंह
फरेंदा। बृजमनगंज क्षेत्र के लेहड़ा दुर्गा मंदिर परिक्षेत्र में सात दिवसीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार की रात कुशीनगर के रामलीला के कलाकारों ने धनुष यज्ञ का मंचन किया। शिव धनुष टूटते ही श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। रामलीला का शुभारंभ पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह ने किया।
धनुष यज्ञ का मनोरम मंचन देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन भी किया। राजा जनक ने शिव के धुनष को तोड़ने वाले के साथ जानकी का विवाह करने का निर्णय ले लिया था। दूर-दराज से स्वयंवर में पहुंचे राजा शिव धनुष को तोड़ना तो दूर हिला भी नहीं सके। राजा जनक को सीता के विवाह की चिंता सताने लगी। राजा जनक की मायूसी को देख गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम ने शिव धनुष को तोड़ दिया। धनुष टूटते ही पूरा पांडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। शिव धनुष टूटने क बाद परशुराम लक्ष्मण संवाद का कलाकारों के मंचन को देख उपस्थित दर्शक रोमांचित हो उठे। रामलीला के शुभारंभ में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने पिता के वचन को पूरा करने के लिए पूरा राजपाट त्याग दिया था। इस दौरान विकास अग्रहरि, रविंद्र यादव, गोलू पटेल, सूरज, अग्रहरि, गोलू यादव, शुभम व नीरज आदि लोग रहे।