महराजगंज। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। सुबह से ही विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भीड़ स्वास्थ्य केंद्रों पर उमड़ पड़ी। अधिकांश लोग बुखार, सर्दी-जुकाम, खुजली, टाइफाइड, मलेरिया और डायबिटीज जैसी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंचे।
सुबह 11:25 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्यामदेउरवा में डॉ. मीरा चौधरी मरीजों का इलाज करते हुए दिखीं। वहां इलाज कराने आए बाबूलाल ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह से बुखार है। आरोग्य मेले में पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें सात दिन की दवा और सतर्कता बरतने की सलाह दी।
वहीं, विजय लक्ष्मी ने बताया कि उन्हें दाद और खुजली की समस्या है। डॉक्टर ने उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं और क्रीम दी, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली। दोपहर 12:12 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड्डा बाजार में डॉ. अमित कुमार मरीजों का इलाज करते दिखे। शंकर ने बताया कि उन्हें टाइफाइड बुखार था। इलाज के लिए आरोग्य मेले में पहुंचे, लेकिन बिना खून जांच किए ही डॉक्टर ने दवाएं दे दीं।
डॉक्टर ने यह भी कहा कि अगर दवाओं से राहत न मिले तो जिला अस्पताल जाकर इलाज कराएं। यशवंत ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि उनकी पत्नी को स्त्री रोग से संबंधित समस्या है। इलाज के लिए वे आरोग्य मेला पहुंचे थे, लेकिन वहां कोई महिला विशेषज्ञ मौजूद नहीं थी।
मजबूरी में बिना इलाज कराए उन्हें घर लौटना पड़ा। इसी तरह दोपहर एक बजे पीएचसी रम्हौली पकड़ी में डॉ. मदन लाल चौरसिया मरीजों को देख रहे थे। वहां इलाज कराने आईं गायत्री देवी ने बताया कि महिला चिकित्सक न होने से निराशा हुई। डायबिटीज के मरीज दयानंद ने बताया कि शुगर की बीमारी है। दवा मिली है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने कहा कि आरोग्य मेले में तैनात सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि भविष्य में महिला विशेषज्ञों की तैनाती सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, ताकि सभी को समान रूप से लाभ मिल सके।