फरेंदा। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। ज्यादातर केंद्रों पर डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को फार्मासिस्ट से दवा लेकर घर जाना पड़ा। मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज मेले में पहुंचे। बेहतर सुविधा नहीं मिलने से मरीजों का मेले से मोह भंग हो रहा है।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोक विद्या पीठ नगर में डॉ. मुकेश गुप्ता नहीं पहुंचे थे। उनकी अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट अरून चतुर्वेदी मरीजों का इलाज कर रहे थे। मरीज के इंतजार में बैठे स्वास्थ्यकर्मी थे। उसी दौरान उदितपुर के 60 वर्षीय रामकेवल सिरदर्द व खांसी से पीड़ित होकर पहुंचे। उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। जो काफी परेशान थे। उनको फार्मासिस्ट ने तत्काल दवा व सीरप दिया। 45 वर्षीय शिवमूरत को यूरिन में जलन व कमजोरी की समस्या थी। लोक विद्या पीठ नगर की 60 वर्षीय इशरावती को खांसी, बुखार व पेट दर्द की समस्या थी, जिनको अस्पताल से दवा दिया गया। कुल 43 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य लेजार महदेवा में कुल 32 मरीज पहुंचे थे। जहां पर डॉ. दुर्विजय नहीं मिले। उनकी जगह पर फार्मासिस्ट महेंद्र सिंह मरीजों का इलाज कर रहे थे। पता चला कि डाॅक्टर की ड्यूटी लेहड़ा मंदिर मेले में लगी है। लेजार महदेवा की 75 वर्षीय कलावती व सूर्यमती को ब्लड प्रेशर की समस्या रही। वहीं घिसियावन चौधरी को स्कीन में एलर्जी तथा 75 वर्षीय मोहम्मद शहीद को शुगर व ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, जिनका जांच करके फार्मासिस्ट ने दवा दिया।
न्यू प्राथमिक महदेवा दूबे में कुल 23 मरीज पहुंचे। चिकित्सक सीबी पांडेय मरीजों का इलाज कर रहे थे। फार्मासिस्ट जेपी सिंह दवा कक्ष में बैठ कर दवा दे रहे थे। सबसे अधिक वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम व चर्म रोग के मरीज पहुंच रहे थे। मरीज मोहम्मद अली 60 वर्ष को बुखार, खांसी, रुबीना को गैस की दिक्कत थी। 10 वर्षीय वेदांश को मौसमी बुखार की समस्या रही।
इलाज में न बरतें कोताही
महराजगंज। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रम्हौली में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का निरीक्षण किया। जहां पर डॉ. मदन लाल चौरसिया, डॉ. कमलेश कुमार, होमियोपैथिक के फार्मासिस्ट अनिल कुमार फार्मासिस्ट,अदिति स्टाफ नर्स, एएनएम विजयलक्ष्मी, वार्ड ब्वॉय दीनानाथ, विशाल मौजूद मिले। उन्होंने निर्देशित किया आरोग्य मेले में जो भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। उनके इलाज में कोताही न बरती जाएं। उन्होंने बताया कि अगर कहीं लापरवाही हुई है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। संवाद