तंबू के नीचे गुजर बसर करना बनी मजबूरी
महराजगंज। तीन दिन पहले तक गुलजार रहने वाले नाथ नगर में रविवार को भी चारों ओर चित्कार गूंजती रही। एक चिंगारी निकली तो एक ही पल में सब कुछ स्वाहा हो गया। आग के कहर ने कई परिवारों को अनाथ कर दिया। रविवार को गांव में अजीब सन्नाटा पसरा था। एक ही पल में उनके अरमान राख हो गए थे।
तीन दिन पहले तक चौराहे पर दूसरे गांव के आग के बारे में चर्चा करने वाले राम नवल को क्या पता था कि आग का कहर उनके गांव में भी टूटेगा। कुछ भी नहीं बचा था। कोई शादी की तैयारी में जुटा था तो कोई छुट्टियां बिताने रिश्तेदारी में जाने की तैैयारी में था। लेकिन उनके अरमान धरे के धरे रहे गए।
एक भी परिवार में खाने का एक दाना तक नहीं बचा है। लोग भुुखमरी के कगार पर हैं। खाने के नाम पर प्रशासन तहरी उपलब्ध करा रहा है। जिससे लोग गांव छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हैं। प्रशासन के प्रति लोगों की नाराजगी भी है। कहते हैं कि दमकल विभाग की गाड़ियां समय से मौके पर पहुंच गई होती तो इतना नुकसान नहीं होता। लोगों की जाने नहीं जातीं।