ठूठीबारी। बाढ़ के दिनों में किसानों के खेत से आसानी से पानी निकासी के लिए सिंचाई विभाग ने छोटी गंडक पर एक्वाडक्ट साइफन सिस्टम का निर्माण कर किसानों के फसल को बर्बादी से बचाने का उपाय ढूंढ निकाला है। सायफन बनने से निर्बाध रूप से बाढ़ के समय आसानी से पानी निकल जाएगा।
इससे क्षेत्र के किसानों की हजारों हेक्टेयर की फसल को नुकसान होने से बचाने के साथ ही गांव में बाढ़ की समस्या कम हो जाएगी। इसको लेकर किसानों में खुशी की लहर है। निचलौल विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सभा इटहिया शिव मंदिर के उत्तर पूरब झुलनीपुर गंडक नहर से निकली नहर शाखा, छोटी गंडक नहर, बुधना राजवाहा (नहर) तीनों नहरों का मिलान स्थल है।
क्षेत्रीय किसान राजेंद्र यादव, मुन्ना गिरी, संतोष श्रीवास्तव, धर्मेंद्र यादव, कपिल देव कुशवाहा, रामप्रवेश यादव, राजकुमार, लोरिक यादव, रामराज साहनी, सूर्यभान यादव, मनोज विश्वकर्मा, सुरेंद्र यादव ने बताया कि तीनों नहरों का मिलान स्थल विगत कई वर्षों से सिल्ट और झाड़ झंखाड से पूरी तरह से पट गया था, जिससे बाढ़ के दिनों में पानी की निकासी नहीं हो पाती थी।
इस कारण क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ के पानी में डूब कर नष्ट हो जाती थी। बाढ़ की विभीषिका से छुटकारा दिलाने के लिए सिंचाई विभाग लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से एक्वाडक्ट साइफन सिस्टम का निर्माण मार्च महीने से करवा रहा था, जो अब बनकर तैयार है। कारीगर एक्वाडक्ट साइफन सिस्टम को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
जेई संतराम ने बताया की एक्वाडक्ट साइफन का निर्माण छोटी गंडक नदी पर किया गया है। नदी के नीचे से बाढ़ का पानी पास होगा और नदी के ऊपर से बुधना रजवाहा (नहर) का संचालन किया जाएगा।
वहीं बगल में ग्रामीणों को आने-जाने के लिए पक्की सड़क बनाई गई है। एक्वाडक्ट साइफन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। संपर्क नहरों का संचालन किया जा सकता है।