महराजगंज। साइबर ठगों ने मजबूत जाल बिछा रखा है। इसमें अगर कोई फंसा तो लाखों की चपत लगनी तय है। शहर का एक युवक के एप इन मोबी के जाल में फंसकर लाखों गंवा दिए। रकम कमाने का लालच देकर एप में पैसे जमा कराए जाते हैं, जब रकम अधिक हो जाती है तो निकासी ब्लॉक कर दी जाती है। बिना मेहनत रुपये कमाने के लालच में फंसकर युवा बर्बाद हो रहे हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सोनरा गांव के रहने निखिल सिंह ने बताया कि मैं ऑनलाइन एप इन मोबी की धोखाधड़ी में फंस गया। इस एप में रकम लगाने मेरे एक दोस्त ने जानकारी दी। उसने बताया कम रकम लगाकर अधिक आय कमाई जा सकती है। शुरुआत में मैंने दो हजार लगाया तो 4600 मिला, इसके बाद एक हजार लगाया तो 2000 रुपये मिला। तीसरी बार में भी 2000 रुपये मिला। इस तरह से रकम लगाने के बाद एव में अंक बनाने टास्क दिया गया। उसमें रकम लगाने को कहा गया तो पहले 7000 रुपये लगाया। इसके बाद 15,900 रुपये लगाया। 52,500 रुपये की मांग की गई। इस रकम लगाया तो अंक दिया गया। मुझे लगता था कि इस बार मोटी रकम मिलेगी। 1,41,000 रुपये जमा करा लिए गए। रकम जमा होने के बाद निकासी के लिए नियम शर्तों को लगा दिया गया। एक्स से लेकर टेलीग्राम तक पर पूरी जानकार दी जा रही थी। यह रकम जमा हो गई तो बोला गया कि रकम पाने के लिए प्री-पेड रिचार्ज करना पडेगा। इसके लिए 3,07,700 रुपये जमा करने को कहा गया। जब यह रकम जमा की तो एप में पूरा बैलेंस शून्य दिखाने लगा। परेशान होकर मैसेज कर जानकारी ली तो बताया कि आपका स्कोर कम हो गया है। क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए अंक बनाई, यह अंक तभी बनेगा तब एप में 6,30,000 रुपये जमा होंगे। इस रकम को भी एप में जमा किया। यह रकम भी जमा होने पर बैलेंस शून्य दिखाने लगा। रकम को ड्रा करने के लिए कई बार कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एप से नोटिफिकेशन दिया गया, टैक्स जमा करने के लिए फिर से 4,98,812 रुपये की मांग कर अकाउंट में कराया पर फिर भी निकासी बाधित कर दी गई। नोटिफिकेशन आया की वीआईपी मेंबर नहीं हूं। अब वीआईपी मेंबरशिप के लिए 32,00,000 की जरूरत है, तभी रकम की निकासी हो सकेगी। इस पर धोखाधड़ी होने का शक हुआ तो 1930 पर संपर्क करके शिकायत दर्ज कराया। एप पता अंधेरी मुंबई का है। रकम जिस खाते में गई है, उसका जिक्र तहरीर में किया गया है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने मामले में केस दर्ज होने की पुष्टि की।
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लोन दिलाने के नाम पर हजम कर गया रकम
महराजगंज। जालसाजों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब अब लोन दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही है। बीते दिनों समूह से लोन दिलाने के नाम पर महिलाओं से रकम की वसूली की जाती थी। इस मामले को ठंडा होने के बाद अब कर्ज दिलाने के लिए ठगी की जा रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
कांध गांव की रहने वाली केशरावती की तहरीर देकर बताया कि अनुराग, रामनिवास निवासी ग्राम बरगदवा मधुबनी थाना पुरंदरपुर, विद्यासागर वर्मा निवासी बागापार टोला बरईठवा ने मिलकर जमीन पर लोन दिलाने का वादा किया और लोन दिलाने के नाम पर विद्यासागर वर्मा के मोबाइल पर 26 जून 24 को तीन बार में 5,000 रुपये, यूपीआई के माध्यम से भेजा। 28 जून 2024 को पुनः विद्यासागर वर्मा के मोबाइल पर 3,000 रुपये तथा 500 रुपये यूपीआई के माध्यम से भेजा था। आरोप है कि इन लोगों ने पैसा लेने के बाद आज तक न तो लोन कराया और न ही पैसा वापस किया। मामले में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय के अनुसार, आरोपियों पर केस दर्ज किया है।
सूत्र बताते हैं कि जालसाज पहले बातों के जाल में फंसाते हैं, इसके बाद रकम की मांग करते हैं। रकम लेने के बाद वे किनारा कस लेते हैं। करीब माह पहले समूह से लोन दिलाने के नाम पर भी गड़बड़ी की जा रही थी। महिलाओं को कर्ज दिलाने के नाम पर दलाल अपना काम चलाते थे। इस मामले में सख्ती हुई तो अब समूह की महिलाओं को राहत मिली। दलालों ने अब दूसरा रास्ता अख्तियार कर लिया है। बैंकों से लोन दिलाने का झांस लेकर रकम हजम करने में जुटे हैं। संवाद
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