डॉ. परमात्मा सिंह खुदकुशी मामला : चचेरे भाई की तहरीर पर गोरखनाथ थाने में दर्ज हुई आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी
राजेंद्र नगर के बसंत इन्क्लेव की आठवीं मंजिल से कूदकर पशु चिकित्सक ने दी थी जान
डॉक्टर के पास से बरामद सुसाइड नोट में गरिमा सिंह का लिखा था नाम
गोरखपुर/महराजगंज। गोरखनाथ के राजेंद्र नगर स्थित बसंत इन्क्लेव अपॉर्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने गरिमा सिंह और उसके गिरोह के गुर्गे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने ये कार्रवाई डॉ. परमात्मा के चचेरे भाई की तहरीर पर की गई है। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। खुदकुशी से पहले के घटनाक्रम, आरोपियों से डॉक्टर के संपर्क, आर्थिक लेनदेन और उन पर पड़े दबाव समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है।
डॉ. परमात्मा ने बृहस्पतिवार सुबह बसंत इन्क्लेव स्थित अपने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। पुलिस के अनुसार, उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला था। परिवार का दावा है कि इसमें गरिमा सिंह पुत्री ध्रुव नारायण सिंह का नाम लिखा था। घटना के बाद परिजन ने गरिमा और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
परिजन के मुताबिक, गरिमा सिंह ने डॉ. परमात्मा के नाम पर 1.40 करोड़ रुपये का लोन कराया था। आरोप है कि लोन की रकम हड़प ली गई। इसके बाद ईएमआई जमा करने को लेकर बैंक की ओर से दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि लोन की किस्त डॉक्टर के वेतन से भी कई गुना अधिक थी। परिजन इसी आर्थिक दबाव को उनकी खुदकुशी से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस तहरीर और सुसाइड नोट समेत जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपों की पड़ताल कर रही है।
मऊ में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद परिजन डॉ. परमात्मा का शव लेकर बृहस्पतिवार को मऊ चले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। पशु चिकित्सक की मौत से परिवार में मातम पसरा है। पुलिस घटना से पहले डॉक्टर पर पड़े कथित दबाव और खुदकुशी के कारणों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गरिमा के खिलाफ छह प्रार्थनापत्रों की जांच तेज
गरिमा सिंह के खिलाफ लोन के नाम पर जालसाजी के मामले पहले से दर्ज हैं। डॉ. परमात्मा ने पांच अगस्त को एम्स थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके अलावा तीन अन्य लोगों ने भी एम्स और सहजनवां थाने में इसी तरह की जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, गरिमा के खिलाफ छह अन्य प्रार्थनापत्र भी मिले हैं। एसएसपी ने इन सभी प्रार्थनापत्रों की जांच कर निस्तारण के निर्देश दिए हैं। पुलिस शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेज, बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर गरिमा और उसके साथियों के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
अन्य जिलों में भी गरिमा के खिलाफ तहरीर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गरिमा सिंह ने गोरखपुर में ही ठगी का नेटवर्क नहीं बनाया था बल्कि अन्य जिलों में भी उसकी जालसाजी की घटना सामने आ रही है। इसी क्रम में कुशीनगर सहित अन्य जिलों में तहरीर पड़ने की बात कही जा रही है। उसकी जांच कराकर वहां की पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है।