सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव का शनिवार को परिणाम आ गया। अनिरुद्ध पटेल अध्यक्ष, और जितेन्द्र सिंह मंत्री पद पर निर्वाचित हुए हैं। राम निवास गुप्त कोषाध्यक्ष पद पर चुने गए हैं।
चुनाव अधिकारी रणजीत बहादुर सिंह ने बताया की अनिरुद्ध पटेल ने अरुण पांडेय को छह मतों से पराजित किया। पटेल को 152 और अरुण को 146 मत मिले हैं। जगदीश पटेल 138 और महेन्द्र पांडे को 30 वोट मिले। एक मत अवैध मिला। कनिष्ठ उपाध्यक्ष में सुनील त्रिपाठी को 304 और दिनेश विश्वकर्मा को 148 वोट मिले। सुनील त्रिपाठी 156 मत से विजयी हुए। जबकि 15 अवैध मत मिले।
महामंत्री पद पर जितेन्द्र सिंह को 179 और सुनील श्रीवास्तव को 155 तथा करुणाकर को 123 मत प्राप्त हुए। जिसमें जितेन्द्र सिंह ने 25 मतों से सुशील श्रीवास्तव को पराजित किया। जबकि 10 मत अवैध मिले। संयुक्त मंत्री प्रशासन पद पर अजय सिंह को 281 मत और वेचन सविता को 174 मत ही मिले।
अजय सिंह ने 107 वोटों से जीत हासिल की। इसमें 12 मत अवैध मिले। संयुक्त मंत्री प्रकाशन पद पर संतोष पटेल को 294 मत और शिवशंकर को 166 मत ही मिले। संतोष पटेल ने 128 मतों से शिवशंकर को हराया। सात मत अवैध मिले।
कोषाध्यक्ष पद पर रामनिवास गुप्ता को 190 मत मिले जब कि प्रदीप श्रीवास्तव को केवल 99 मत ही मिले पाए। सुनील पांडे को 156 मत ही पाकर संतोष करना पड़ा। इस प्रकार रामनिवास गुप्ता ने सुनील पांडे को 34 मतों से पराजित किया। जब कि 22 अवैध मत मिले।
चुनाव अधिकारी ने बताया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष पर सूर्यबली चौधरी, पुस्तकालय जीशान अख्तर और कनिष्ठ कार्यकारणी सदस्य में अभय प्रताप राय, अश्विनी पांडे, दुर्गेश श्रीवास्तव, बद्रीनाथ गुप्ता, रणजीत सिंह, व सीताराम पटेल को निर्विरोध घोषित किया गया है। उसके अलावा कार्यकारणी सदस्य पद पर अवधेश मणि पांडे, काशीनाथ अग्रवाल, फणीन्द्र कुमार त्रिपाठी, रामराज चौधरी, विजय सिंह, त्रिभुवन वर्मा चुने गये है।
इस दौरान शंभूशरण पांडे, शचीन्द्रनाथ प्यारेलाल यादव, हरिगोपाल, मूर्तिनरायन त्रिपाठी, रूद्रप्रताप सिंह, मारकण्डेय पांडे के देख रेख में चुुनाव हुआ है। जीते हुए पदाधिकारियों को पूर्व अध्यक्ष तारकेश्वर त्रिपाठी, रमेश कुमार मिश्र, राजेन्द्र त्रिपाठी, रूद्रप्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजीत सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव, अमित कुमार मोदनवाल, अवनीश नरायन त्रिपाठी, अशोक सिंह, केशभान त्रिपाठी, दिनेश नरायन श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार द्विवेदी, अशोक श्रीवास्तव समेत कई अधिवक्ताओं ने बधाई दी है।