चार दिनों के बाद शनिवार को सूरज दिनभर चमकता रहा। अवकाश के कारण बच्चे पार्कों में जमे रहे तो बड़े लोग और महिलाएं घर की छतों पर धूप का आनंद लेने पहुंच गईं। हालांकि ठंड का दबदबा कुछ कम नहीं हुआ। शाम होते ही फिर गलन बढ़ गई। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
पछुआ हवाएं शीत लहरी बना रखी थीं। इसलिए 10वीं तक के स्कूलों को 24 तक बंद करने का डीएम ने निर्देश जारी किया था। शनिवार सुबह कोहरा और ठंड बरकरार थी लेकिन सुबह 10 बजे के बाद धूप खिली तो लोगों ने राहत की सांस ली। दोपहर में सड़कों, छतों पर लोगों की खासी भीड़ नजर आई।
लोग जहां धूप देखते थे वहीं खड़े हो जाते थे। अधिकतर कार्यालयों के सामने कर्मचारी बाहर खड़े देखे गए। बाजारों में चहल पहल बढ़ गई। कपड़ा व्यवसायी मनोज का कहना था कि चार दिन से कड़ाके की ठंड से व्यवसाय ठीक से नहीं हो पा रहा था। जहां भीड़ रहती थी वहां कुछ एक ही ग्राहक आते रहे।
टेंपो चालक मोहन ने बताया ठंड के वजह से सवारी बहुत कम निकल रही थी लेकिन आज पूरी कमाई हुई। अभी तक डीजल खर्च ही बामुश्किल निकल पा रहा था।