मांगों को लेकर संविदा कर्मचारी संघ आंदोलित है। मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर सीएमओ दफ्तर परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लखनऊ में लाठीचार्ज की निंदा की। कर्मचारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
संविदा कर्मचारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ द्वारा लखनऊ में बैठक की गई। प्रदेश कार्यकारिणी के तरफ से 16 मार्च तक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। डीसीपीएम विपिन विहारी पाठक ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के बराबर सुविधा देने एवं विनियमितीकरण समेत नौ मांगों को हर हाल में सरकार से मनवाया जाएगा।
हरिकेश बहादुर यादव ने कहा कि संविदा कर्मचारी अपने मतभेदों को भुला कर एकजुटता बनाए रखें। एक जुटता से ही अपने मांगों को सरकार से मनवाया जा सकता है। कार्य बहिष्कार में सभी लोग सहयोग करें। धर्मेंद्र कुमार, डॉ. विजय सिंह, लवली वर्मा, शाकिर, सतेंद्र शर्मा, नवीन कुमार श्रीवास्तव, विजय सिंह, ऊषा यादव, दुर्गावती मिश्रा, विजय प्रकाश प्रजापति के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
पनियरा और निचलौल प्रतिनिधियों के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनियरा के परिसर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. पूनम, डॉ. यशवंत मल्ल,डॉ. श्वेता, मीनाक्षी, ज्योति, आमिना, संध्या, प्रियंका आदि शामिल रहे।
इसी तरह निचलौल में भी दूसरे दिन संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर धरना पर बैठे रहे। स्वास्थ्य कर्मियों ने लाठीचार्ज के दोषी पुलिस कर्मियो पर र्कावाई की मांग की। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। धरने में डॉ. कालिंदी सिंह, इरशाद अहमद, डॉ. राजेंद्र आदि रहे।