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Maharajganj News: कागजों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र, शिक्षा मिल रही न पुष्टाहार

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जर्जर पड़ा झांगापार ​स्थित आंगनबाड़ी केंद्र।  
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प्रशिक्षण के नाम पर केंद्र पर कार्यरत कार्यकर्ता के साथ सहायिका भी गायब
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ग्रामसभा झांगपार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को स्थानीय लोगों ने कभी खुलते नहीं देखा
धानी बाजार। विकास खंड धानी में अधिकारियों की लापरवाही के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दयनीय है। कागजों में संचालित इन केंद्रों के जरिए कागजों में ही बच्चे हृष्ट-पुष्ट हो रहे हैं। हालत यह है कि इन केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को न तो प्री-प्राइमरी की शिक्षा मिल पा रही है और न ही योजनाओं का उन्हें कोई लाभ मिल रहा है। यह हाल तब है, जब इसकी निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर सुपरवाइजर व सीडीपीओ की तैनाती है।

सोमवार को अमर उजाला की पड़ताल में धानी क्षेत्र में विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बहुत ही खराब मिली। अधिकतर केंद्रों पर कार्यकर्ता से लेकर सहायिका लापता थीं। वहीं कुछ केंद्र सहायिका भरोसे चलते हुए पाए गए।
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सुबह 12: 30 बजे क्षेत्र की ग्रामसभा झांगपार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का हाल सबसे खराब मिला। यहां मिनी के साथ दो आंगनबाड़ी केंद्र कागजों में ही संचालित हैं। केंद्र का भवन खंडहर बन गया है। मौके पर दोनों केंद्रों पर ताला बंद मिला। मौजूद लोगों ने बताया कि यहां का केंद्र कभी खुलता ही नहीं, सिर्फ कागजों में चल रहा है। यहां तैनात दोनों कार्यकर्ता रीता देवी व अनीता देवी के अलावा सहायिकाओं को केंद्र को खोलते अथवा संचालित करते हुए लोगों ने कभी देखा ही नहीं है। इसी तरह क्षेत्र के बेलसर, पट्टीवार, चौका आदि जगहों पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दयनीय दिखी।
सुबह 10:20 बजे क्षेत्र के ग्राम सभा घीवपीड के टोला चरिगांवा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र खुला था लेकिन मौके पर कार्यकर्ता और सहायिका नहीं थीं। मौजूद लोगों ने बताया कि कार्यकर्ता सुप्रिया त्रिपाठी बीआरसी पर प्रशिक्षण लेने गई हैं। इस केंद्र पर न तो बच्चे थे और न ही सहायिका मौजूद थीं। मौके पर मौजूद कंपोजिट स्कूल की रसोइया ने बताया कि स्कूल का खाना बनाने के लिए उन्होंने ही केंद्र को खोला है।



सुबह 11 बजे ग्राम सभा कानापार के धानी बाजार में आंगनबाड़ी केंद्र तृतीय खुला हुआ मिला। यहां तीन आंगनबाड़ी केंदों को मिलाकर कुल चार केंद्रों का संचालन होता है। यहां पर केवल दो सहायिका बिंद्रावती और रंभा ही मौके पर मौजूद मिलीं, जबकि केंद्र पर चार कार्यकर्ता रजनी देवी, ममता पांडे, मीना गुप्ता और विमला त्रिपाठी के साथ दो सहायिका सावित्री पांडेय व रीता देवी की तैनाती हैं।
मौके पर मौजूद दोनों सहायिकाओं ने बताया कि केंद्र पर तैनात दो कार्यकर्ता रजनी देवी व ममता पांडे प्रशिक्षण के लिए बीआरसी गई हैं, जबकि वे दो अन्य कार्यकर्ता और सहायिकाओं के बारे में कुछ बता पाने में असमर्थ रहीं। यहां संचालित चार केंद्रों के कुल मिला कर सात बच्चे ही मौके पर मौजूद मिले।
कम बच्चों की उपस्थिति और केंद्रों पर लटके हुए ताले के बावजूद कागजों में पूरी पोषण सामग्री खर्च दिखा कर सरकार की आंखों में धूल झोंकने का कार्य हो रहा है। इस संबंध में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग धानी की सुपरवाइजर प्रमिला यादव का कहना है कि मामले की जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। बिना बताए जो भी कार्यकर्ता या सहायिका केंद्र से गायब हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जहां नामांकन के सापेक्ष उपस्थिति कम है, उन्हें नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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वर्जन
मैं आज तहसील दिवस में थी। मामले की जानकारी हुई है। मामले की जांच-पड़ताल कर कार्य में लापरवाही करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की जवाबदेही तय करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। साथ ही बंद पड़े केंद्रों की जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-नीरजा गुप्ता, सीडीपीओ धानी
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