25 किलोमीटर के सफर में लगे कई घंटे
शाहनवाज ने बताया कि नेपाल में प्रदर्शनों की वजह से सड़कें अवरुद्ध हैं और यात्रा करना बेहद कठिन हो गया है। फिर भी, वह अपनी होने वाली पत्नी और परिवार की खुशी के लिए अकेले बाइक पर भैरहवा से नौतनवा रवाना हो गया। लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय करने में कई घंटे लग गए। जैसे ही वह सोनौली बॉर्डर पर पहुंचा, वहां तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सख्ती से रोक लिया। बॉर्डर पर चल रही कड़ी जांच के कारण कोई भी वाहन आसानी से पार नहीं हो पा रहा था। नेपाल के आंदोलनों से भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो गया है।
एसएसबी ने दिखाई दरियादिल
शाहनवाज ने अपनी परिस्थिति समझाते हुए एसएसबी के जवानों को बताया कि वह अपनी शादी के लिए जा रहे हैं। उन्होंने आईडी प्रूफ, शादी का कार्ड और अन्य दस्तावेज दिखाए। दूल्हे की व्यथा सुनकर जवान नरम पड़े और शादी का मकसद बताने के बाद उसे भारत प्रवेश की अनुमति दे दी। शाहनवाज ने कहा, "मैंने सोचा था कि शायद शादी टल जाएगी, लेकिन जवानों का सहयोग देखकर मन प्रसन्न हो गया। यह मेरी जिंदगी का सबसे कठिन सफर था, लेकिन खुशी का अंतिम पड़ाव भी।"
शाहनवाज की हिम्मत की सबने की सराहना
नौतनवा पहुंचते ही शाहनवाज का स्वागत हुआ। परिवार और रिश्तेदारों ने उनकी हिम्मत की सराहना की। शादी मंगलवार दोपहर ही संपन्न हो गई, जिसमें नेपाल के आंदोलनों के बावजूद कोई व्यवधान नहीं आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बॉर्डर पर सुरक्षा जरूरी है, लेकिन मानवीय आधार पर ऐसे मामलों में लचीलापन दिखाना चाहिए। एसएसबी के एक अधिकारी ने बताया कि शादी-ब्याह जैसे व्यक्तिगत मामलों में दस्तावेज सत्यापन के बाद अनुमति दी जाती है, लेकिन आंदोलनों के कारण सतर्कता बरती जा रही है।
सहास और प्रेम की मिसाल बनी शाहनवाज की कहानी
यह घटना नेपाल के आंदोलनों के बीच भारत-नेपाल संबंधों की मजबूती को दर्शाती है। शाहनवाज की पत्नी ने कहा, "हमारी शादी खुशी से हुई, भले ही सफर मुश्किल था।" महराजगंज जिले में बॉर्डर क्षेत्र के निवासियों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शाहनवाज की यह कहानी साहस और प्रेम की मिसाल बन गई है।