महराजगंज। पत्नी सारा की हत्या के आरोप में गाजियाबाद जेल में बंद अमन मणि त्रिपाठी ने सोमवार को नौतनवा सीट से निर्दल नामांकन कराया। इस दौरान अमन के साथ आई गाजियाबाद पुलिस टीम के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद रही। इस दौरान अमन मणि की बहन तनुश्री त्रिपाठी ने भी नौतनवा सीट से निर्दल पर्चा दाखिल किया।
नामांकन के लिए गाजियाबाद जेल से अमन को लाए जाने की सूचना पहले से होने के कारण सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में अमन के रिश्तेदार व समर्थक पहुंच गए थे। गाजियाबाद से साथ आए सीओ पवन कुमार ने भीड़ को दूर रखने के लिए कहा तो महराजगंज के एएसपी हरगोविंद ने स्थानीय फोर्स लगा दी। पहले से मौजूद बहन तनुश्री और अलंकृता से गले मिलकर अमन ने गाड़ी के बोनट पर रखकर अधिवक्ता के साथ नामांकन पत्र भरा। अमन के साथ तुनश्री ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के बाद अमन के अधिवक्ता धर्मेंद्र मणि त्रिपाठी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को अर्जी दी, जिसमें अमन ने लंबी यात्रा और पहले से बीमार होने का हवाला देते हुए तत्काल इलाज की जरूरत बताई। पैरोल आदेश में 14 फरवरी तक अमन को वापस गाजियाबाद जेल में दाखिल करने के निर्देश के कारण इस अर्जी ने अफसरों में खलबली की स्थिति पैदा कर दी। डीएम के निर्देश पर अमन को पुलिस लाइंस ले जाकर सीएमएस की ओर से नामित तीन सरकारी डॉक्टरों की टीम ने चेकअप किया। हड़्ियों का दर्द बताते हुए दर्द निवारक दवा देकर अमन को शाम सात बजे गाजियाबाद रवाना किया गया। दोपहर तीन से शाम सात बजे तक अमन मणि को चेकअप की प्रक्रिया में पुलिस लाइंस में रखा गया
अमन के खाते नहीं कोई शस्त्र, कई केस
अमन मणि त्रिपाठी के नामांकन पत्र के साथ दाखिल घोषणा में अमन के खाते में किसी लाइसेंसी शस्त्र का उल्लेख नहीं है। आपराधिक मामलों के तौर पर यूपी के कई थानों में हत्या, अपहरण व रंगदारी के कई मुकदमे पंजीकृत हैं।
अमन के पास 26,41,277 रुपये की संपत्ति तथा दो गाड़ी हैं। कृषि भूमि 1,25,13,600 की कृषि भूमि है। स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त हैं।
अमर मणि त्रिपाठी की बेटी एवं अमन की बहन तनुश्री (33 वर्ष) के पास 4,27,231 रुपऐ मूल्य की चल संपत्ति तथा 3,50,200 रुपये मूल्य की कृषि भूमि बताई गई है। एमए की डिग्रीधारी तनुश्री ने खुद को अभी अध्ययनरत बताया है।