महराजगंज। मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर बुधवार को नौवें दिन मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर असमायोजित शिक्षामित्रों ने धरना दिया। जिसमें उन्होंने मांगों को पूरा न करने पर सपा सरकार को जमकर कोसा। साथ ही अचार संहिता लागू होने के कारण धरने को समाप्त करने का भी ऐलान कर दिया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि धरने के नौ दिन बीतने के बाद भी असमायोजित शिक्षामित्रों के मानदेय में सपा सरकार वृद्धि नहीं कर सकी। यह बहुत खेद का विषय है। असमायोजित शिक्षामित्रों के प्रति यह सपा सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। आचार संहिता लागू हो गई है। अब प्रदेश के समस्त समायोजित व असमायोजित शिक्षामित्र इसका बदला सपा का विरोध करके लेंगे। उन्होंने शिक्षामित्र संगठनों से असमायोजित शिक्षामित्रों के हितों को देखते हुए प्रदेश स्तर पर कोई ठोस रणनीति बनाकर अपना विरोध जताने की अपील की। परवेज खान ने कहा कि हमें अपनी ताकत व संगठन की एकता पर पूर्ण विश्वास है। सरकार जो भी रहे शिक्षामित्रों की मांगे जायज हैं। उसे मानना ही पड़ेगा।
प्रेम किशन निषाद ने कहा कि इस विषम परिस्थिति में मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से मिलकर यह साबित कर दिया है कि सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं पर गंभीर है। हरिकेश चंद पाठक ने कहा कि जब तक मानदेय वृद्धि का आदेश जारी नहीं हो जाता, हम लोग धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। असमायोजित शिक्षा मित्र काफी हताश और निराश हैं। लेकिन उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और निष्ठापूर्वक शिक्षक का दायित्व निभाया है। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों से धरना में शामिल होते हुए अपने साथियों के लिए आवाज बुलंद कराने का आह्वान किया।
इस दौरान सुमन यादव, पुनीता शर्मा, शशिप्रिया, किरन राव, विभा पांडेय, किरन भारती, बीना प्रतिभा, पूनम देवी, सुनीता देवी, मंशा, रुक्मणी, रमेश प्रताप सिंह आदि असमायोजित शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
बैठक कर दी गई विदाईः महराजगंज। राजस्व संग्रह अमीन संघ की बैठक सदर तहसील के सभागार में बुधवार को हुई। बैठक में संघ के राजस्व संग्रह अनुसेवक गौरीशंकर गुप्ता को विदाई दी गई। वह 31 दिसंबर 2016 को सेवानिवृत हो गए। संघ के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि गौरीशंकर गुप्ता का कार्य व्यवहार सराहनीय रहा। उनके कार्यकाल में उल्लेखनीय वसूली हुईा। इस दौरान मंत्री भगवंत प्रसाद, विजय तिवारी, मनोज श्रीवास्तव, अभिषेक मिश्र, श्यामनाथ, राजेश सिंह, रामदुलारे आदि रहे।