सिंचाई विभाग पर लगाया बिना मुआवजा दिए जमीन का उपयोग करने का आरोप
बेलसर-रिगौली बांध पर सिंचाई विभाग खंड द्वितीय करवा रहा है बाढ़ सुरक्षा कार्य
धानी बाजार। क्षेत्र के बेलसर-रिगौली बांध पर सिंचाई विभाग खण्ड द्वितीय की ओर से कराए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य को ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को रुकवा दिया। कोईलाडाड के ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर यह कार्य कराया जा रहा है, वह उन्हें चकबंदी के दौरान नापकर आवंटित की गई थी। सिंचाई विभाग बिना मुआवजा दिए उनकी जमीन का उपयोग कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग क्षेत्र के बेलसड़-रिगौली बांध पर ग्रामसभा चौका से कोईलाडाड तक लगभग एक किलोमीटर बांध की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक कार्य करवा रहा है। विभाग के अनुसार यह कार्य बांध में होने वाले लीकेज को रोकने के लिए किया जा रहा है। बाढ़ के समय नदी की ओर पानी रुक जाने से बंधे में रिसाव की समस्या उत्पन्न होती है। उसी के निराकरण के लिए यह परियोजना प्रस्तावित है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बंधे पर इस कार्य के लिए उनकी आराजी संख्या से लगभग 15 फीट जमीन ली जा रही है। जबकि उन्हें अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजा नहीं मिलने से नाराज होकर सुरक्षा कार्य का रोकवाने वालों में राजेश सिंह, बृजेश सिंह, रमेश, दिलीप, बबलू, जनार्दन, मुरली, मिश्री, शगुन, बाबूराम, भोला, रामवदन, रामनाथ, हरिलाल इत्यादि रहे।
इस संबंध में सिंचाई विभाग खण्ड द्वितीय के एई जीतेंद्र कुमार का कहना है कि बंधे के अभिलेख का सीमांकन राजस्व अभिलेखों के अनुसार कराया जाएगा। जिन किसानों की जमीन पैमाइश के बाद अधिग्रहीत की जाएगी, उनको शीघ्र मुआवजा देकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।