खुनुवां। बॉर्डर पर शुक्रवार को भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त पैदल मार्च कर सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने का संदेश दिया। इस दौरान आम नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई।
भारत-नेपाल सीमा स्थित खुनुवां क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने नो मेंस लैंड क्षेत्र में संयुक्त पैदल मार्च की। इस दौरान सीमा के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।
संयुक्त अभियान का नेतृत्व एपीएफ के डंगरी कैंप प्रभारी इंस्पेक्टर हरित बढ़ुवाल और एसएसबी खुनुवां के प्रभारी इंस्पेक्टर राम प्रताप सिंह ने किया। मार्च के बाद सीमा चौकियों पर तैनाती, निगरानी व्यवस्था और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय की स्थिति की विस्तृत समीक्षा भी की गई।
अधिकारियों के बीच सीमा पार से होने वाली तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी समेत अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर गहन चर्चा की गई। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के संयुक्त गश्त का उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, संवेदनशील स्थानों की पहचान करना और वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।