टेढ़वा के पास सड़क के किनारे बिना आईएसआई मार्का का हेलमेट बेचता दुकानदार
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कामचलाऊ हेलमेट हो सकते हैं खतरनाक
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। इन दिनों शहर के पेट्रोल पंपों पर हेलमेट को लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसके चलते हेलमेट लगाकर दो पहिया वाहन चलाने के प्रति लोगों में जागरूकता भी आई है। लेकिन खुद की सुरक्षा के मामले में लापरवाही बरती जा रही है। लोग सस्ते के चक्कर में फुटपाथ पर बिकने वाला हेलमेट खरीद ले रहे हैं और वही लगाकर दो पहिया वाहन चला रहे हैं। मानक विहीन हेलमेट लगाकर चलना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
दरअसल, हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं अभियान को देखते हुए लोग किसी तरह हेलमेट लगाकर पंप पर पहुंच रहे हैं। क्योंकि जिले में पंपों पर हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं संबंधी बैनर लगाकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही सख्ती भी बरती जा रही है। यही कारण है कि लोग पेट्रोल लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए फुटपाथ पर बिकने वाले हेलमेट खरीदकर लगाने के बाद ही तेल लेने पंपों पर पहुंच रहे हैं। फुटपाथ पर 200 से 500 रुपये के बीच ही हेलमेट मिल जा रहे हैं जबकि आईएसआई मार्का हेलमेट की कीमत इससे ज्यादा बताई जा रही है। सस्ते के चक्कर में लोग अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत होने की बजाय कामचलाऊ हेलमेट खरीद ले रहे हैं। लोकल कंपनियों के उत्पाद सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण हादसे के वक्त टूटने की आशंका बनी रहती है। आईएसआई मार्का इस बात की गारंटी देता है कि जिस कार्य के लिए वह उत्पाद बनाया गया है उसके मानकों पर वह खरा उतरेगा। निर्देश की वजह से लोग हेलमेट के नियम का पालन तो कर रहे हैं लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर गुणवत्ता के प्रति सचेत नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता आत्माराम गुप्त कहते हैं कि बचने के लिए सस्ता हेलमेट लेकर काम चलाया जा सकता है। लेकिन सुरक्षा के प्रति लापरवाही ठीक नहीं है। कामचलाऊ हेलमेट घातक साबित हो सकते हैं। इसको लेकर कोई सख्त नियम होना चाहिए ताकि लोग बेहतर हेलमेट खरीदें।
राजीव नगर मोहल्ले के रहने पवन कुमार वर्मा कहते हैं कि हेलमेट की बिक्री के लिए मानक तय होना चाहिए। बाजार में खराब किस्म के हेलमेट की बिक्री पर रोक जरूरी है। सस्ते हेलमेट की होड़ में लोगों के जीवन की सुरक्षा संकट में डालना ठीक नहीं है।
एआरटीओ आरसी भारती ने बताया कि हेलमेट हमेशा आईएसआई मार्का ही लगाना चाहिए। इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अपनी सुरक्षा के प्रति लोगों को गंभीर होने की जरूरत है।