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कच्ची शराब की बिक्री पर बढ़ी सख्ती, रोकने को चार टीमें लगाईं

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5 जनवरी से शुरू है अभियान, 31 मार्च तक होती रहेगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। विधानसभा चुनाव में कच्ची शराब समस्या न उत्पन्न कर दे, इसे देखते हुए पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गई है। कच्ची शराब की भठ्ठियों को तोड़ने के लिए बीती 5 जनवरी से ही अभियान शुरू कर दिया गया है। 31 मार्च तक अभियान चलेगा। इस बीच गठित टीम छापा डालते हुए कार्रवाई में जुटी है। उधर, रायबरेली में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 5 जनवरी से अब तक 1,117 लीटर कच्ची शराब बरामद की जा चुकी है। चार टीमें तहसीलवार पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त रूप से कार्रवाई में जुटी हैं। कच्ची शराब बनाने के आरोपित 32 लोगों का चालान किया जा चुका है। 6500 किलो लहन नष्ट कर दी गई है। लाइसेंसी दुकानों पर भी विशेष निगरानी की जा रही है। शराब की गुणवत्ता को देखते हुए 35 नमूने जांच के लिए भेजे गए। बीते 20 जनवरी को बृजमनगंज एवं फरेंदा पुलिस के साथ निरनाम पश्चिमी के टोला नगेश्वरपुरा और पास के जंगल में छापा डाला गया। इस दौरान 500 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई और दो सौ कुंतल लहन नष्ट किया गया।
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सूत्र बताते हैं कि कोल्हुई थाना क्षेत्र के जंगल गुलरिहां में कच्ची शराब बनाई जाती है। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र वन ग्राम अचलगढ़, तिनकोनिया, बेलौहा, कानपुर दर्रा, सूरपार में भी बनती है।
जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पांडेय ने बताया कि अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। टीमें क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर कार्रवाई करने में जुटी हैं। क्षेत्र में कहीं भी कच्ची शराब बनने का अवैध कारोबार नहीं चलने पाएगा। जो भी इस अवैध कारोबार में लिप्त मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सभी एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारियों को आबकारी विभाग के साथ मिलकर चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया जा चुका है। लाइसेंसी शराब की दुकानों की जांच समय-समय पर होती रहेगी। कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, डीएम
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