37 ब्लैक बेल्ट तैयार कर ताइक्वांडो की पहचान बने अभिषेक
मार्शल आर्ट के माहिर खिलाड़ी ने जिले के युवाओं को आत्मरक्षा के प्रति किया जागरूक
संतोष शर्मा
महराजगंज। सच्चे मन से किया गया कार्य कभी विफल नहीं होता। जिले में ताइक्वांडो की पहचान बने अभिषेक विश्वकर्मा ने इस बात को साबित किया है। 12 साल की अवधि में उन्होंने अपनी मेहनत से न सिर्फ इस खेल को जिले में व्यापकता दी है, बल्कि 37 ब्लैक बेल्ट धारक खिलाड़ियों को भी तैयार करने में सफलता हासिल की है। उनके लिए यह इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी देखरेख में प्रशिक्षण लेने वाले नौ ब्लैक बेल्ट धारकों ने भी अलग-अलग जगहों पर प्रशिक्षण शिविर संचालित कर उनकी मुहिम को बढ़ाया है।
शास्त्री नगर में रहने वाले अभिषेक का स्कूली जीवन से ही मार्शल आर्ट से लगाव था। उनकी सोच थी कि आगे बढ़कर इस खेल को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बढ़ते समय के साथ उन्होंने इसमेें ब्लैक बेल्ट की डिग्री हासिल की। डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने 2010 से 10 बच्चों के साथ प्रशिक्षण प्रारंभ किया। उन्होंने खेल की व्यापकता के लिए न सिर्फ खिलाड़ियों को उसकी महत्ता को बताया, बल्कि उसकी उपयोगिता को भी समझाया। अभिषेक ने बताया कि ताइक्वांडो खेल की व्यापकता का प्रयास आगे भी जारी रहेगा। संवाद
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इन 37 खिलाड़ियों को मिली ब्लैक बेल्ट धारक की उपाधि
जिले के जिन खिलाड़ियों को ब्लैक बेल्ट धारक की उपाधि मिली है उसमें रिजवान फैजी, सुशील शर्मा, राहुल राय, उत्सव शर्मा, संजय सैनी, महेश राजभर, रियाज अली, रामनरायन, आकाश चौधरी, दिनेश गुप्ता, फरमान फैजी, अजय गुप्ता, आर्यन सिंह, सुमित पटेल, आदित्य जायसवाल, चंदन पटेल, अभिषेक पटेल, आशुतोष पटेल, सौजन्य स्नेह प्रियदर्शी, विशाल कुमार, शाहरुख खान, प्रदीप शर्मा, नागेश्वर कुमार, मुन्ना वर्मा, साहब सिंह, बबलू खरवार, शहनवाज, शुभम जायसवाल, शिवकुमार, प्रदीप राज, अनुज कुमार, सावंत साहनी, इशिका आर्यन, प्रिया साहनी, सिद्धि मिश्रा, हर्षिता सिंह व निधि सिंह को ब्लैक बेल्ट की उपाधि मिली है।
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नौ ब्लैक बेल्टधारक युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण
ब्लैक बेल्ट धारकों में रिजवान फैजी, राहुल राय, उत्सव शर्मा, संजय सैनी, महेश राजभर, रियाज अली, रामनरायन, आकाश चौधरी व दिनेश गुप्ता भी अपने घर के आसपास ताइक्वांडो शिविर चलाकर बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
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ब्लैक बेल्ट धारी होने का लाभ
ब्लैक बेल्ट की उपाधि मिलने से कोई भी खिलाड़ी जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकता है, वहीं 17 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित भी कर सकता है।