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Maharajganj News: सड़क हादसे ने उजाड़ दिया घर का चिराग, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

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पेंटिंग कर परिवार पालने वाला शैलेंद्र अब कभी घर नहीं लौटेगा, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
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मिठौरा। शनिवार की शाम शिकारपुर-सिंदुरिया मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे ने बड़हरामीर गांव के एक परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी। रोज की तरह कामकाज निपटाकर घर लौट रहे शैलेंद्र भारती (35) को क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। साइकिल और मोटरसाइकिल की आमने-सामने हुई टक्कर में घायल शैलेंद्र ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
शैलेंद्र भारती अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण घर की अधिकांश जिम्मेदारियां उनके कंधों पर थीं। पेंटिंग का कार्य कर वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मेहनत की कमाई से ही घर का चूल्हा जलता था और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई चल रही थी।
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हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल से जैसे ही शैलेंद्र की मौत की सूचना आई, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और हर किसी की आंखें नम हो उठीं।
सबसे दर्दनाक दृश्य उस समय देखने को मिला जब शैलेंद्र की पत्नी अपने पति का नाम लेकर बार-बार बेसुध हो रही थीं। उनकी आंखों के सामने भविष्य की चिंता साफ दिखाई दे रही थी। वह बार-बार यही कह रही थीं कि अब बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा, घर कैसे चलेगा और परिवार की जिम्मेदारियां कौन संभालेगा।
शैलेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे अभी इतनी उम्र के भी नहीं हैं कि जिंदगी की सच्चाइयों को समझ सकें। उन्हें यह भी एहसास नहीं है कि अब उनका पिता कभी लौटकर नहीं आएगा। गांव के लोग जब बच्चों को देख रहे थे तो हर किसी का दिल भर आ रहा था। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठने की पीड़ा पूरे गांव को झकझोर रही थी।
ग्रामीणों के अनुसार शैलेंद्र बेहद मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। किसी के घर रंगाई-पुताई का काम हो या सामाजिक कार्य, वह हमेशा मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी असमय मौत से गांव में शोक का माहौल है।
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रविवार को जब उनका शव गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर एक छोटी सी सड़क दुर्घटना ने दो मासूम बच्चों से उनका पिता और एक पत्नी से उसका जीवनसाथी क्यों छीन लिया।
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