फरेंदा/कोल्हुई। रूदलापुर में बुधवार को निर्माणाधीन छत ढहने से एक ही गांव के दो लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है। बृहस्पतिवार को मृतकों के घर चीख पुकार मची रही।
कोल्हुई क्षेत्र के पिपरा परसौनी निवासी ऐश कुमार 21 व रमाशंकर 30 की मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। रमाशंकर की पत्नी बसंती पति की मौत के बाद बदहवास हो गई है। वह सीने को पीट पीटकर रोती हुई बेसुध हो रही थी। आठ वर्षीय बेटी अन्नया व बेटा अंकेश छह वर्ष भी पिता की मौत पर दहाड़े मारकर रो रहे थे। उन्हें लोग ढाढ़स बंधाने में जुटे रहे।
वहीं गांव के ही ऐश कुमार की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐश कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पालता था। ऐश कुमार का पूरा परिवार मजदूरी करके जीविकोपार्जन करते हैं। बेटे की मौत हादसे में होने के बाद पूरा परिवार टूट गया है। बेटे की मौत से बदहवास माता-पिता को लोग सांत्वना देते रहे। दोनों के घर का माहौल देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
परिजनों से मिले पूर्व विधायक बजरंग बहादुर
गांव के दो लोगों की मौत से पूरा क्षेत्र गमगीन है। मृतक परिजनों से मिलने पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, एसडीएम रमेश कुमार व एसडीएम मुकेश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंच कर परिजनों को ढाढ़स बंधा रहे थे। पूर्व विधायक ने परिजनों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। पूर्व विधायक ने कहा कि रूदलापुर की घटना ह्दय विदारक है। परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को हरसंभव आर्थिक मदद करने व घटना में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करते हुए घायलों को बेहतर इलाज की मांग की। इस दौरान मधुर सिंह, अरूण राय, बृजेश श्रीवास्तव, प्रदीप पांडेय मौजूद रहे।
घटना के बाद से दहशत में हैं क्षेत्र के मजदूर व मिस्त्री
काम कर रहे मजदूर व मिस्त्री काफी दहशत में हैं। उनके जेहन में डर समाया हुआ है। रूदलापुर निवासी राजगीर मिस्त्री मनोज ने बताया कि घटना इतना भयंकर था कि जिसे सोच कर रूह कांप जा रही है। छत गिरते ही ऐसा लगा कि अब जिंदगी समाप्त हो जाएगी। ईश्वर की कृपा से बच गई, लेकिन मन में अभी भी घटना को लेकर डर बना है। वहीं मजदूर दुर्गेश भी डर के कारण कुछ बोल नहीं पा रहे थे। घायल होने के कारण उल्टी हो रही थी। इलाज के लिए गोरखपुर जा रहे थे। गुरचिहा निवासी मजदूर वकील व संतराम के दिमाग में घटना को लेकर डर समा गया था। वह बार बार घटना की जिक्र करते हुए भावुक हो जा रहे थे।
घायलों के लिए मसीहा बन कर आए थे गांव के चार युवक
छत ढही तो अगल-बगल के लोग सहम गए। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर क्रिकेट खेल रहे युवा घायलाें के लिए मसीहा बन कर आ गए। घटना के तुरंत बाद से ही गांव के युवक बचाव कार्य में जुट गए और सूचना तत्काल पुलिस को दी। अगर समय से ग्रामीण नहीं पहुंचते तो मंजर अलग होता। रूदलापुर गांव के मनीष धरिया, सचिन पासवान, मोनू, रामदास, सद्दाम, दिनेश, राजकुमार व सुनील वरूण ने बताया कि घटना के समय थोड़ी ही दूर पर क्रिकेट खेल रहे थे। मजदूर छत की ढलाई कर रहे थे। मजदूर आपस में चलह कदमी भी कर रहे थे। करीब चार बजे छत भरभराकर गिर गई। मजदूर व मिस्त्री बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे। घटना के कुछ ही पल में मौके पर पहुंचे युवा लोगों के बचाव कार्य में जुट गए। करीब बारह लोगों को मदद करके बाहर निकाला गया।