महराजगंज में मायके से ससुराल लौट रही एक महिला और उसके दो बच्चों की नदाव नाले में डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा 15 सितंबर को देर शाम सदर कोतवाली क्षेत्र में हुआ। महिला बच्चों को बचाने की कोशिश में खुद भी गहरे पानी में समा गई।
सदर कोतवाली क्षेत्र के बरगदवा राजा टोला बीट नर्सरी निवासी पूनम (48) 13 सितंबर को अपने मायके डिंगुरी टोला बेलहिया गई थीं। मायके में नए मकान की छत डालने का काम चल रहा था। 15 सितंबर दोपहर करीब 2 बजे वह अपने बेटे विपिन (सात वर्ष) और बेटी सुहानी (छह वर्ष) के साथ ससुराल के लिए निकलीं। देर शाम ऑटो से पकड़ी जंगल के पास उतरने के बाद तीनों पैदल गांव की ओर जा रहे थे। बोकड़ा देवी स्थान के पूरब स्थित नदाव नाले पर शाम होने के कारण नाव का संचालन बंद था। तीनों पानी में उतरकर नाला पार करने लगे। इसी दौरान गहरे गड्ढे में पैर पड़ने से बच्चे डूबने लगे। पूनम ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी पानी में डूब गईं। हादसे में तीनों की मौत हो गई।
16 सितंबर को हुई जानकारी
पत्नी और बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर मोहित ने उनकी तलाश शुरू की। मायके में जानकारी करने पर पता चला कि तीनों 15 सितंबर दोपहर ही वहां से निकल गए थे। 16 सितंबर को जंगल में भैंस चराने गए एक व्यक्ति ने नाले में शव देखे। उसने इसकी सूचना मोहित और फिर ग्राम प्रधान रामसवारे यादव को दी। मृतका के भाई धर्मेंद्र ने पुलिस को सूचना दी।
पूनम और मोहित के थे पांच बच्चे
पूनम के पांच बच्चे थे। इनमें भगवानी (21), पूजा (19), अनीता (12), विपिन (8) और सुहानी (6) शामिल हैं। भगवानी और अनीता बुआ के घर फुलवरिया में रहती हैं, जबकि पूजा नानी के घर रहती है। पति मोहित पुणे में पेंटिंग और मजदूरी करते हैं। उनकी शादी वर्ष 1998 में हुई थी। सदर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। शवों को नाले से निकलवाकर कब्जे में लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।