महराजगंज। राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रवास सिंह ने बुधवार को धनेवा धनेई स्थित डाक बंगले में महिलाओं की पीड़ा सुनी। इसके बाद उन्होंने जिला कारागार जाकर बंदियों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि मानवता से बढ़कर कोई चीज नहीं होती है। कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारी न केवल उत्पीड़न व घरेलू हिंसा की घटनाओं पर अंकुश लगाएं बल्कि पीड़ितों को त्वरित न्याय भी दिलाएं।
उन्होंने जन सुनवाई के दौरान ग्राम सोनाबंदी की साजमा खातून, ग्राम पनियरा की सुन्नतुमनिशा, ग्राम पिपरा अगोसवा की उम्मे हबीबा, ग्राम ताल्ही की सुनीता, ग्राम बौलिया राजा की प्रभावती की पीड़ा गौर से सुनी। महिलाओं की पीड़ा सुनने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायतों का जल्द निस्तारण का निर्देश दिया। जन सुनवाई के दौरान सुनीता पत्नी सुरेंद्र के मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने थानाध्यक्ष पुरंदरपुर एवं वहां के ग्राम प्रधान से दूरभाष पर खुद बात कर पीड़िता की हर संभव मदद करने को कहा। उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामलों के निस्तारण में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष, 181 महिला हेल्प लाइन द्वारा अब तक किए गए कार्यों पर संतोष जताया। जन सुनवाई के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य जिला कारागार पहुंच कर महिला बंदियों से मिलीं तथा उनका हाल जाना। समीक्षा बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुव चंद त्रिपाठी, डीपीओ ब्रजेंद्र कुमार जायसवाल, बाल संरक्षण अधिकारी जकी अहमद, महिला थानाध्यक्ष शीला यादव, महिला हेल्प लाइन की अमिता पांडेय, शिल्पी जायसवाल, सत्या पांडेय के अलावा भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मधु पांडेय मौजूद रहीं। इसी क्रम में इंद्रवास जिला अस्पताल भी पहुंचीं। यहां 124 मरीज भर्ती थे।