मांग की अनदेखी करने पर दी आत्मदाह की चेतावनी
सिसवा बाजार। सिसवा को तहसील बनाने की मांग को लेकर शुक्रवार को खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के पास भेजा है। साथ ही चेताया है कि सरकार ने मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो वह आत्मदाह करने को विवश होंगे।
तहसील बनाओ संघर्ष समिति और व्यापार मंडल सहित कई सामाजिक संगठन सिसवा को तहसील बनाने की मांग के लिए विगत 10 वर्षों से समय-समय पर आंदोलन करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी पांच जनवरी को आंदोलन करके संगठनों ने नगर बंद करवाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। इसी क्रम में राजन विश्वकर्मा ने अपने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को भेजा है।
राजन ने बताया कि वर्ष 2010 में प्रदेश सरकार ने तत्कालीन कमिश्नर से महराजगंज और कुशीनगर जिलों से नई तहसीलों के सृजन संबंधी रिपोर्ट मांगी थी। कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में महराजगंज से सिसवा तथा कुशीनगर से खड्डा और कप्तानगंज को नई तहसील बनाने की सिफारिश की थी। वर्ष 2012 में खड्डा और कप्तानगंज को तहसील का दर्जा मिल गया लेकिन सिसवा को सभी मानकों पर खरा होने के बावजूद अब तक तहसील नहीं बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि सिसवा क्षेत्र की बड़ी आबादी को आज भी तहसील संबंधी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में सिसवा को शीघ्र तहसील घोषित करने की मांग की है। साथ ही राजन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई तो वे आत्मदाह करने जैसा कदम उठाने को विवश होंगे।