महराजगंज। बागापार के ग्रामीणों ने बड़ी लड़ाई जनहित याचिका से जीत ली है। अब जिला मुख्यालय से रामपुर बुजुर्ग होते हुए 10 किमी जर्जर सड़क का निर्माण होगा। साथ ही मार्ग का चौड़ीकरण भी होगा। शुक्रवार को ग्रामीणों ने आदेश की छाया प्रति लगाकर डीएम और लखनऊ लोनिवि को भेजा है।
महराजगंज से रामपुर बुजुर्ग होते हुए बागापार की 10 किमी सड़क न सिर्फ संकरी थी, बल्कि इतनी जर्जर थी कि लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। लोगों ने कई बार मार्ग की समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र दिया, लेकिन सुनवाई न हो रही थी। डीएम के निर्देश पर विभाग ने चौड़ीकरण और निर्माण के लिए निविदा तो प्रकाशित कराई, लेकिन आगे कार्रवाई ठप रही।
परेशान होकर ग्रामीणों ने इसी वर्ष जनहित याचिका हाईकोर्ट इलाहाबाद में दाखिल करा दिया। 28 नवंबर को कोर्ट ने उमेश चंद्र मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य को आदेश पारित करते हुए विभाग को आदेश दिया कि इसी वित्तीय सत्र 2025 से पूर्व सड़क का चौड़ीकरण और निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाए। बागापार के लोगों ने आदेश की छाया प्रति के साथ निर्माण शुरू कराने के लिए मांग पत्र न सिर्फ डीएम को सौंपा बल्कि डाक से लोनिवि महराजगंज व लखनऊ को भी प्रेषित किया है।
मजबूत हुआ कानून पर विश्वास
जनहित याचिका दायर करने वाले बागापार के समाजसेवी उमेश चंद्र मिश्रा ने कहा इस देश में सबसे मजबूत न्याय पालिका है जो निश्चित ही न्याय देती है यह कोर्ट ने जनहित के मामले में आदेश देकर साबित कर दिया है। प्रशासन को चाहिए कि कोर्ट के आदेश का त्वरित अनुपालन तय कराए। उनके साथ जितेंद्र कुमार शुक्ल, शब्बीर, विजय सिंह, डाॅ. प्रभुदयाल, रामसिंह, शैलेंद्र, संतोष, काशी, हरेंद्र, आशीष चौधरी आदि ने भी कोर्ट के आदेश पर हर्ष व्यक्त किया।