जानकारी के अनुसार, श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बासपार कोठी टोला पिपरा निवासी सुमित्रा (60) परिवार की आर्थिक हालात के कारण करीब 40 वर्ष पहले मुंबई चली गई थी। वहां उसकी मुलाकात रामपत (62) से हुई। बाद में दोनों ने शादी कर ली। करीब 10 वर्ष मुंबई में रहने के बाद सुमित्रा पति और एक बेटी के साथ घर लौट आई। यहां ग्राम सभा की आबादी की जमीन पर ग्राम प्रधान ने उसका आवास बनवा दिया। कुछ दिन बाद पुनः सभी मुंबई चले गए।
दोनों शराब पीते थे: ग्रामीणों का दावा
करीब सात साल पहले दोनों फिर लौटे लेकिन तब उनकी बेटी साथ नहीं थी। वे भीख मांगकर जीवन यापन करने लगा। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों शराब पीते थे। सोमवार की शाम दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद पति रामपत कमरे में रखी खाट पर सो गया। आरोप है कि सुमित्रा ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। रामपत बचने के लिए कमरे में चिल्लाता रहा लेकिन उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी और उसकी सांस थम गई।
सुबह घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो रामपत के घर पर भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने दरवाजा खोला तो देखा कि कोने में रामपत का शव बैठी हुई अवस्था में पड़ा था। गांव के चौकीदार हबीब ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्रित किए।
मौके पर माचिस और एक बाल्टी बरामद हुई, जिसमें से पेट्रोल की गंध आ रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि चौकीदार के शिकायत पत्र पर आरोपी पत्नी सुमित्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।