लखनऊ। करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी राज इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और रीयल एस्टेट कारोबारी जन्मेजय खरवार ने शनिवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उनकी लाश बेडरूम में पंखे से साड़ी के सहारे लटकी मिली। नौकर की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जन्मेजय के खिलाफ जमीन की धोखाधड़ी के करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उनकी कंपनी आर्थिक रूप से बदहाल हो चुकी थी। मूलरूप से महराजगंज के परमहंस खरवार के बेटे जन्मेजय खरवार का संबंध रसूखदार परिवार से था। बड़े भाई कैलाश नाथ खरवार पीसीएस अफसर हैं।
इंस्पेक्टर गाजीपुर अजित सिंह चौहान ने बताया कि जन्मेजय खरवार ने तीन महीने पहले चौक निवासी मो. शोएब से आम्रपाली अपार्टमेंट में एक फ्लैट किराये पर लिया था। वहां वह पत्नी निशा उर्फ नमिता बोस के साथ रह रहे थे। साथ में एक नौकर राजीव दास भी रहता था, जिसे वह कोलकाता से ही अपने साथ लेकर आए थे। कुछ दिनों पहले निशा मायके चली गई थी। शुक्रवार को जन्मेजय ने फ्लैट पर ही लोगों से मुलाकात की। रात में उनकी पत्नी का फोन आया, इसके बाद वह सोने चले गए। नौकर राजीव दास भी दरवाजे लॉक करके सो गया। सुबह 10 बजे तक जन्मेजय सोकर नहीं उठे तो नौकर ने बेडरूम का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद भी नहीं उठे तो पड़ोसियों को सूचना दी। उन्होंने बालकनी से खिड़की की कुंडी तोड़कर अंदर झांका तो जन्मेजय की लाश पंखे से लटकी दिखी। पुलिस ने जन्मेजय के परिवार वालों की मौजूदगी में दरवाजा खोला। जन्मेजय के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। उनके मोबाइल से आखिरी बार पत्नी निशा से बात हुई थी। वाट्सऐप पर भी दोनों के बीच देर रात तक चैटिंग हुई थी। इसी के बाद जन्मेजय ने खुदकुशी कर ली।