निचलौल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचलौल पर शनिवार को एंबुलेंस नहीं मिलने पर परिजनों ने हंगामा किया। आरोप है कि यदि समय से इलाज शुरू हो गया होता तो मौत नहीं हुई होती।
निचलौल क्षेत्र के हर्रेडीह वार्ड के सभासद सज्जाद की शनिवार को अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन एवं मुहल्ले को लोग सभासद को लेकर सीएचसी निचलौल पहुंचे। वहां तैनात डॉक्टर रमजान एवं फार्मासिस्ट गंगेश्वर ने प्राथमिक उपचार किया। हालत में सुधार नहीं होने पर गोरखपुर रेफर कर दिया। परिजन जब सीएचसी पर एंबुलेंस खोजने लगे तो पता चला कि कोई ड्राइवर उपलब्ध नहीं है। किसी तरह प्राइवेट ड्राइवर की व्यवस्था परिजनाें ने की तो एंबुलेंस की चाबी नहीं मिली। बताया गया कि चाबी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर नंदलाल कुशवाहा के घर है, जबकि वह छुट्टी पर चल रहे हैं। इस पर परिजनों के साथ मुहल्ले के लोग सीएचसी पर हंगामा करने लगे। बाद में परिजन सभासद को बोलेरो से लेकर गोरखपुर के लिए चल दिए। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने सभासद की मौत का कारण इलाज में देरी बताया है।
इस बारे में सीएमओ का कहना है कि वह मौके पर जाकर मामले की जांच करेंगे। अगर लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।