सीएमओ ने किया अनुपस्थित डाक्टरों और स्वास्थ्य से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ रोका वेतन
अनुपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित, स्पष्टीकरण तलब
महराजगंज। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए बुधवार की रात मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. नवनाथ प्रसाद ने दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो सीएचसी में एक महिला चिकित्साधिकारी, एक चिकित्सक, एक बीसीपीएम, एक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक समेत 9 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। दोनों सीएचसी के अधीक्षकों से भी जवाब मांगा गया है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बृजमनगंज का निरीक्षण रात 10:05 बजे किया। निरीक्षण के समय इमरजेंसी कक्ष में चिकित्साधिकारी डॉ. गिरीश चंद, फार्मासिस्ट राजेश त्रिपाठी और वार्ड बॉय सुनील चौधरी उपस्थित मिले। इमरजेंसी रजिस्टर की जांच में पाया गया कि अब तक केवल दो मरीजों के उपचार का ही विवरण दर्ज था। प्रसव कक्ष के निरीक्षण में उपचारिका विदेशी सिंह ड्यूटी पर तैनात मिलीं। अभिलेखों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि 20 जनवरी से 4 फरवरी 2026 के बीच कुल 58 प्रसव कराए गए हैं, जबकि निरीक्षण के समय एक प्रसूता प्रसव के लिए भर्ती थी। जांच के दौरान एक गंभीर लापरवाही उजागर हुई कि प्रसव कक्ष में रोस्टर के अनुसार ड्यूटी का पालन नहीं किया जा रहा था। साथ ही शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रसूताओं को 48 घंटे से पहले ही डिस्चार्ज कर दिया जा रहा था।
प्रभारी सीएमओ ने उपचारिका को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रसव के बाद 48 घंटे पूर्ण होने पर ही प्रसूताओं को डिस्चार्ज किया जाए। निरीक्षण में आरसीएच रजिस्टर भी अपूर्ण पाया गया। छह कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इनमें स्वास्थ्य पर्यवेक्षक देवेंद्र कन्नौजिया (3 व 4 फरवरी), लैब टेक्नीशियन रामबेलास, रामेश्वर प्रजापति और विवेक अग्रहरी (4 फरवरी) और पीएमडब्ल्यू आरडी गौतम (4 फरवरी) शामिल थे। इसके अलावा उपचारिका सुमन जोसेफ ने 2 से 4 फरवरी तक कैजुअल लीव दर्ज की थी, लेकिन किसी भी कर्मचारी का अवकाश मानव संपदा पोर्टल से स्वीकृत नहीं पाया गया।
इसके बाद प्रभारी सीएमओ ने रात्रि 9:45 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी का औचक निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और भी चिंताजनक मिली। इमरजेंसी ड्यूटी में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश मिश्रा अस्पताल में अनुपस्थित मिले। उन्हें उनके आवास से बुलाया गया। चौकीदार सुनील मौके पर उपस्थित थे। प्रसव कक्ष में उपचारिका अनिता सिंह ड्यूटी पर तैनात मिलीं। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। गंदगी और अव्यवस्था को देखते हुए प्रभारी सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि एक्स रे टेक्नीशियन की ऑन-कॉल व्यवस्था तथा लैब टेक्नीशियन की रोस्टर वार ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। इमरजेंसी समय में कोई भी लैब टेक्नीशियन ड्यूटी पर तैनात नहीं पाया गया। उपस्थिति पंजिका की जांच में महिला चिकित्साधिकारी डॉ. जमीला 3 और 4 फरवरी को, चिकित्साधिकारी डॉ. मो. खालिद 2 से 4 फरवरी तक और बीसीपीएम कालिंदी यादव 4 फरवरी को अनुपस्थित मिले। प्रभारी सीएमओ ने सभी अनुपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों सीएचसी के अधीक्षकों को सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
- डॉ. नवनाथ प्रसाद, प्रभारी सीएमओ