किसी को शौचालय तो किसी को दूूसरी किस्त की दरकार
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राजीव नगर का सुलभ शौचालय बदहाल, गरीबों का भी हाल बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। शहर से लेकर गांव-गांव तक ओडीएफ का शोर है। प्रशासन का भी इसी पर जोर है, लेकिन शौचालय के जरूरतमंद परेशान हैं। बहुतों को दूूसरी किस्त की दरकार है। राजीव नगर मोहल्ले का एक मात्र सुलभ शौचालय बदहाल है। पालिका प्रशासन हर जरूरतमंद को शौचालय देने में नाकाम है। इन दिनों स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता पर जोर है। गांवों के अलावा नगरों में भी अभियान चलाकर शौचालय बनवाए जा रहे हैं, लेकिन शासन की मंशा को उसके मातहत ही पूरा नहीं होने दे रहे हैं। जिन लाभार्थियों ने शौचालय साल भर पहले बन चुके हैं, उन्हें दूसरी किस्त अब तक नहीं मिल पाई है।
इस मोहल्ले में एक सुलभ शौचालय भी है। यह करीब बारह साल पहले बना थ। अब बदहाल हो चुका है। उसकी बदहाली देखकर लोग उसमें जाने कतराते हैं। राजीव नगर निवासी चांदनी ने कहा कि अभी भी बहुत से लोगों को शौचालय की दरकार है, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शौचालय बना रहता तो दिक्कत नहीं होती। अमरावती ने कहा कि बहुत से लोग एक किस्त पाकर शौचालय का निर्माण पूरा कराकर उपयोग करना शुरू कर दिया है। साल भर बीत जाने के बाद भी दूसरी किस्त नहीं मिली। मालती देवी ने कहा कि फरेंदा-महराजगंज मार्ग पर स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय गेट पर वर्षों पुराने सुलभ शौचालय की स्थिति बद से बदतर हो गई है। शौचालय निर्माण के लिए आवेदन किया था, लेकिन रकम नहीं मिली। सुदामी देवी ने कहा कि एक सुलभ शौचालय मुख्य सड़क से हटकर घनी आबादी के बीच बन जाए तो बेहतर रहेगा। राजीव नगर वार्ड के सभासद डॉ. सिद्धार्थनाथ शुक्ला ने कहा कि शौचालय को लेकर वे बेहद गंभीर हैं। राजीव नगर में कुल 57 शौचालय स्वीकृत हुआ है। सभी को प्रथम तथा 15 को द्वितीय किस्त जारी है। 22 लाभार्थियों ने अभी फोटो अपलोड नहीं कराया है। जबकि 20 लोगों ने पहली किस्त मिलने के बाद भी शौचालय नहीं बनवाया है।