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डीएसओ सहित पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण, लेखपाल निलंबित

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डीएम के निरीक्षण में खुली लेट-लतीफी की पोल
डीएसओ सहित पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब, लेखपाल निलंबित
गैरहाजिर मिले जल निगम के चार इंजीनियर व पांच कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों के देर से पहुंचने का सिलसिला थम नहीं रहा है। डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बृहस्पतिवार को चार कार्यालयों का निरीक्षण किया तो कई कर्मचारी गैरहाजिर मिले। गैरहाजिर मिलने पर जिला आपूर्ति अधिकारी सहित पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लापरवाही के मामले में लेखपाल दर्शन को निलंबित किया गया है। जल निगम के कैशियर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। डीएम ने जल निगम के गैैरहाजिर चार जूनियर इंजीनियर व पांच कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा तीन दिन के अंदर कार्यालय की व्यवस्था में सुधारने को निर्देश एक्सईएन को दिया है।
जल निगम कार्यालय के निरीक्षण के दौरान चार अवर अभियंता एवं कर्मचारी पृथ्वीपाल, रविप्रकाश मिश्रा, कमलेश पासवान, विष्णु बहादुर थापा तथा सूर्यनाथ गैरहाजिर मिले। कार्यालय में रजिस्टर व पत्रावलियां दुरूस्त नहीं मिलीं। कैशियर श्यामलाल कीशर्ट का बटन खुला मिला। डीएम ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। इसके बाद डीएम ने पुराने तहसील कार्यालय में आपूर्ति विभाग की ओर से संचालित आधार फीडिंग व सीडिंग कार्य का निरीक्षण करना चाहा तो वहां ताला बंद मिला। इस पर डीएसओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय के निरीक्षण के समय अभिहीत अधिकारी व तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी गैरहाजिर मिले, लेकिन थोड़ी देर बाद सभी आ गए। इन चारों अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। कार्यालय में तैनात अनुसेवक गणेश पटेल के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया। श्रम प्रर्वतन अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अधिकारी जितेंद्र कुमार उपस्थित मिले। वहीं कार्य में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल दर्शन को निलंबित करने का निर्देश दिया।
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जिले में 105 मामले डिफाल्टर, अधिकारियों को चेतावनी
निर्धारित समय के बाद भी निस्तारित नहीं किए गए मामले
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। विभिन्न संदर्भों में प्राप्त शिकायतों में 105 मामला डिफाल्टर हो चुके हैं। इनका समय-सीमा बीत जाने के बाद भी निस्तारण नहीं हो सका है। डीएम ने संबंधित मामलों से जुड़े अधिकारियों को चेतावनी दी है तथा मामलों के शीर्घ निस्तारण का निर्देश दिया है।
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एडीएम इंद्रभूषण वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री संदर्भ के डिफाल्टर तीन मामलों में से एक पुलिस, एक -एक तहसीलदार निचलौल व नौतनवां का है। जबकि भारत सरकार के पीजी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में भी तीन मामले डिफाल्टर हैं। इसमें एक-एक बीडीओ नौतनवां व निचलौल तथा एक एसडीएम नौतनवां के हैं। डीएम संदर्भ में डिफाल्टर मामलों में तहसीलदार सदर व एडीओ निचलौल के चार-चार, सीओ सदर के तीन, एसडीएम निचलौल के दो तथा विद्युत, एडीओ, बीडीओ परतावल, ईओ सदर, सीडीपीओ सदर व एसओ पुरंदरपुर के एक-एक मामले हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्राप्त मामले में से 29 मामले डिफाल्टर हैं। इनमें से बीडीओ निचलौल के सात, तहसीलदार निचलौल के चार, बीडीओ नौतनवां के तीन, एसओ निचलौल के दो, समाज कल्याण अधिकारी, एसीओ चकबंदी, जिला कृषि अधिकारी, डीपीआओ, पीडी, ईओ निचलौल, डीडीएजी, विकास विभाग, एआर को-आपरेटिव, डीडीओ, बीडीओ निचलौल, एक्सईएन सिंचाई खंड प्रथम, एआईजी के एक एक मामले डिफाल्टर हैं। एडीएम ने बताया कि ऑनलाइन प्राप्त शिकायतों में43 मामले डिफाल्टर हैं। इसमें डीपीआरओ, विकास विभाग के चार-चार, एसडीएम नौतनवां, डीएसओ, पुलिस व बीडीओ धानी के तीन-तीन, एसडीएम निचलौल, एसडीएम सदर, बीडीओ नौतनवां, बीडीओ निचलौल, बीडीओ लक्ष्मीपुर, औषधि निरीक्षक के दो-दो तथा बीडीओ सिसवां, बीडीओ फरेंदा, तहसीलदार सदर, पुलिस व सीएमओ के एक-एक मामले डिफाल्टर हैं।
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