नौतनवां। रेलवे प्रशासन द्वारा नौतनवां रेलवे स्टेशन परिसर की आवंटित जमीन पर मौजूद दुकानदारों से सर्किल रेट से कई गुना ज्यादा किराया वसूल करने एवं लाखों रुपये एरियर के रूप में जमा करने की नोटिस को लेकर गोरखा समाज के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार राना का अनिश्चितकालीन अनशन बुधवार को भी जारी रहा है। वहीं अनशन के दूसरे दिन रेल परिसर में मौजूद दो दर्जन से ज्यादा दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर अनशन स्थल पर रेल प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया। अनशन के सर्मथन में व्यापार मंडल एवं गोरखा समाज के सदस्य भी उतर गए।
अनशन स्थल पर अपने संबोधन में मनोज राना ने कहा कि रेलवे प्रशासन द्वारा एक साजिश के तहत नाजायज रूप से गरीब दुकानदारों पर कई गुना ज्यादा किराया थोपा जा रहा है। इसके साथ ही 1686 से ही बढ़ा किराया बताकर दुकानदारों से पांच से सात लाख रुपये एरियर वसूली की नोटिस भेजकर एरियर नहीं जमा करने की स्थित में दुकान का आवंटन रद्द करने की धमकी दी जा रही है, जबकि दुकानदारों को रेलवे की तरफ से कोई सुविधा भी नहीं दी जाती। यहां तक कि पूरे रेल परिसर में प्लेटफार्म को छोड़कर दुकानदारों की सुविधा के लिए शौचालय तक नहीं है। गुमटी में अपनी रोजी रोटी चलाने वाले दुकानदारों के साथ सरासर अन्याय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनशन स्थल पर पहुंचे रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजिनियर अनिल कुमार ने अनशन पर बैठे लोगों से उनकी समस्या जानकर ज्ञापन प्राप्त किया, जिसके बाद उन्होंने बताया कि दुकानदारों की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर समाधान कराया जाएगा। अनशन के समर्थन व्यापार मंडल अध्यक्ष राधेश्याम सिंह, ओमप्रकाश वर्मा, हरिबहादुर गुरूंग, सरदार सहेन्द्र सिंह, कैप्टन डम्बर बहादुर गुरूंग, तुलबहादुर थापा, अनिल राना, रामकुमार थापा, पार्वती देवी, विजय मजूमदार, पवन कुमार, रामनरायन, कन्हैया गौड़, अशोक, राधेश्याम, धमेन्द्र, माधुरी, बैजनाथ, रामबेलास गुप्ता, सुरेन्द्र पाठक, रवि तिवारी, प्रदीप पांडेय, राजू मोदनवाल आदि मौजूद रहे।