ठूठीबारी। शनिवार को गंडक-चंदन नदी के जल स्तर में थोड़ी कमी आई लेकिन क्षेत्रवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दर्जन भर गांव अभी पानी से घिरे हैं। उन गांवों तक पहुंचने में दिक्कत है। बीते तीन दिनों नेपाल समेत भारतीय क्षेत्र में हुई बारिश से भारतीय क्षेत्र में बहने वाली चंदन नदी व गंडक नदी शुक्रवार को उफना गई। ठूठीबारी क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो गया। ठूठीबारी-निचलौल मुख्य मार्ग पर नौवाबारी गांव के सामने पानी का बहाव बढ़ने से आवागमन ठप हो गया था।
शनिवार को गड़ौरा से लक्ष्मीपुर खुर्द जाने वाले मार्ग पर अमुर्चियां, कडजा, पौधशाला, लक्ष्मीपुर खुर्द के सामने सड़क पर पानी बह रहा था। लक्ष्मीपुर खूर्द, लालपुर भरवलियां, तुर्कहियां, चटियां, कडजा, नौवाबारी, बकुलडिहा, बोदना, सुकरहर का संपर्क मार्ग कटने के साथ ही पानी से गांव घिरे हुए हैं। गड़ौरा से लक्ष्मीपुर खुर्द, नौवाबारी से बसंतपुर व तुर्कहियां मार्ग पर पानी बह रहा है। शनिवार को पानी का जलस्तर कम हुआ तो आवागमन शुरू हुआ। साथ ही लक्ष्मीपुर खुर्द व बकुलडिहा नदी टोला गांव में पानी जमा हो जाने से लोगों की मुश्किलें बढ गयीं है।
रास्ता बंद होने से गड़ौरा में ही गुजारी रात
ठूठीबारी। भारी बारिश होने से चंदन नदी व गंडक नदी के उफान से ठूठीबारी क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी के साथ ठूठीबारी निचलौल मुख्य मार्ग पर चंदन नदी पर बने पुल तक पहुंचा। शुक्रवार की दोपहर पुल के आसपास कटान देख लोगों का आना-जाना बंद हो गया। जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस ने पुल पर पहरा लगा दिया और दोनों तरफ से आवागमन रोक दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से शुक्रवार की शाम गड़ौरा स्थित पुलिस बूथ पर लगा बैरियर गिरा आवागमन बंद कर दिया गया। इस दौरान रात में गोरखपुर से ठूठीबारी आ रहे यात्रियों को गड़ौरा में रात बितानी पड़ी। शनिवार की सुबह जैसे ही रोड पर बह रहे पानी कम हुआ तो आवागमन बहाल कर दिया गया। इस संबंध में कोतवाल ओपी चौहान ने बताया कि गड़ौरा से ठूठीबारी जाने वाले मार्ग पर पानी का दबाव देख आवागमन बंद किया गया था। जलस्तर कम होते ही आवागमन शुरू कर दिया गया है।